आईटी नियम, 2021

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संदर्भ:

हाल ही में, सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्रालय द्वारा 16 यूटयूब समाचार चैनलों (YouTube news channels) को ब्लॉक कर दिया गया है, इनमें पाकिस्तान के छह यूटयूब समाचार चैनल भी शामिल हैं।

इससे पहले, मंत्रालय द्वारा विभिन्न आरोपों के आधार पर भारत के 18 यूटयूब समाचार चैनलों सहित 78 यूटयूब समाचार चैनलों को ब्लॉक किया जा चुका है।

कारण:

यूटयूब आधारित इन समाचार चैनलों को देश में दहशत पैदा करने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी और असत्यापित जानकारी फैलाने के आरोप में ब्लॉक किया गया है।

कानूनी आधार:

इन चैनलों पर “सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम”, 2021 (The Information Technology (Intermediaries Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021) अर्थात ‘आईटी नियम, 2021’ के नियम 18 के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए कार्रवाई की गई है।

आईटी नियमों का अवलोकन, 2021:

इन नियमों के तहत, देश भर में ‘ओवर द टॉप’ (OTT) और डिजिटल पोर्टलों द्वारा एक ‘शिकायत निवारण प्रणाली’ गठित करना अनिवार्य किया गया है। उपयोगकर्ताओं के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग किए जाने के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराने हेतु यह आवश्यक है।

महत्वपूर्ण सोशल मीडिया कंपनियों के लिए ‘एक मुख्य अनुपालन अधिकारी’ (Chief Compliance Officer) की नियुक्ति करना अनिवार्य होगा, इसके साथ ही ये कंपनियां एक नोडल संपर्क अधिकारी भी नियुक्त करेंगी, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियां कभी भी संपर्क कर सकेंगी।

शिकायत अधिकारी (Grievance Officer): सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एक शिकायत अधिकारी को भी नियुक्त करेंगे, जो 24 घंटे के भीतर कोई भी संबंधित शिकायत दर्ज करेगा और 15 दिनों में इसका निपटारा करेगा।

सामग्री को हटाना (Removal of content): यदि किसी उपयोगकर्ता, विशेष रूप से महिलाओं की गरिमा के खिलाफ शिकायतें- व्यक्तियों के निजी अंगों या नग्नता या यौन कृत्य का प्रदर्शन अथवा किसी व्यक्ति का प्रतिरूपण आदि के बारे में- दर्ज कराई जाती हैं, तो ऐसी सामग्री को, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिकायत दर्ज करने के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।

मासिक रिपोर्ट: इनके लिए, हर महीने प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या और इनके निवारण की स्थिति के बारे में मासिक रिपोर्ट भी प्रकाशित करनी होगी।

समाचार प्रकाशकों के लिए विनियमन के तीन स्तर होंगे – स्व-विनियमन, किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की अध्यक्षता में एक स्व-नियामक निकाय, और ‘प्रक्रिया सहिंता एवं शिकायत समिति’ सहित सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा निगरानी। ​​