आर्टेमिस कार्यक्रम

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संदर्भ:

नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम (Artemis Program) के तहत चंद्रमा पर भेजे जाने वाले पहले रॉकेट और अंतरिक्ष यान की फरवरी माह में लॉन्च पैड पर “वेट ड्रेस रिहर्सल” (wet dress rehearsal) किए जाने की संभावना है।

आर्टेमिस क्या है?

आर्टेमिस (ARTEMIS) का पूरा नाम “ऐक्सेलरैशन, रीकनेक्शन, टर्ब्युलन्स एंड इलेक्ट्रोडायनामिक्स ऑफ़ मून’स इंटरएक्शन विद द सन” (Acceleration, Reconnection, Turbulence and Electrodynamics of Moon’s Interaction with the Sun) अर्थात चंद्रमा का सूर्य के साथ अंतःक्रिया का गतिवर्धन, पुन:संयोजन, विक्षोभ तथा विद्युत्-गतिकी है।

यह नासा द्वारा चंद्रमा पर भेजा जाने वाला अगला मिशन है।

उद्देश्य:

इसका उद्देश्य, चंद्रमा की चट्टानी सतह, जहाँ इसकी रक्षा के लिए कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं होता है- पर सूर्य का विकिरण के टकराने के प्रभाव को मापना है।

ग्रीक पौराणिक कथाओं में, ‘आर्टेमिस’ अपोलो की जुड़वां बहन और चंद्रमा की देवी थी।

मिशन का महत्व:

आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत, नासा द्वारा वर्ष 2024 तक चंद्रमा की सतह पर पहली बार किसी महिला को तथा अगले पुरुष को उतारा जाएगा।

मिशन विवरण:

स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) नामक नासा के शक्तिशाली नए रॉकेट से ‘ओरियन अंतरिक्ष यान’ में सवार अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से लगभग सवा लाख मील की दूरी पर चंद्रमा की कक्षा में भेजा जाएगा।

अंतरिक्ष यात्री ‘ओरियन यान’ को गेटवे (Gateway ) पर डॉक करेंगे और चंद्रमा की सतह पर अभियान हेतु मानव लैंडिंग सिस्टम में पहुंचेंगे।

अभियान की समाप्ति पर अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने हेतु फिर से ओरियन पर सवार होने लिए ‘कक्षीय चौकी’ (orbital outpost) पर लौट आएंगे।

नासा का ‘गेटवे लूनर ऑर्बिट आउटपोस्ट’ क्या है?

गेटवे (Gateway) एक छोटा सा अंतरिक्ष यान है जो चंद्रमा की परिक्रमा करेगा। यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चंद्रमा पर ले जाएगा तथा बाद में इसको मंगल अभियानों के लिए प्रयोग किया जायेगा।

यह पृथ्वी से लगभग 250,000 मील की दूरी पर स्थित अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक अस्थायी कार्यालय तथा निवास-स्थान के रूप में कार्य करेगा।

इस अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए क्वार्टर, विज्ञान और अनुसंधान के लिए प्रयोगशालाएं तथा आने वाले अंतरिक्ष यानों के लिए डॉकिंग पोर्ट (docking ports) होंगे।

अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (International Space Station- ISS) की तुलना में, गेटवे बहुत छोटा है।