इसरो का ‘विकास इंजन’

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चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने गगनयान कार्यक्रम के लिये तरल प्रणोदक विकास इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

मुख्य बिंदु

इसरो ने इंजन की क्षमता और आवश्यकताओं के हिस्से के रूप में, जी.एस.एल.वी. एम.के III प्रक्षेपण यान से विकास इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगरी में प्रणोदन परिसर में संपन्न हुआ था। इसका उद्देश्य विशिष्ट परिस्थितियों में इंजन के प्रदर्शन की जाँच करना था।

प्रक्षेपण यान के पहले चरण, जिसमें ठोस प्रणोदक का उपयोग किया गया, का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है।

विदित है कि, इसरो गगनयान कार्यक्रम के तहत दो मानवरहित और एक मानवसहित मिशन को जी.एस.एल.वी एम.के III प्रक्षेपण यान से अंतरिक्ष में भेजने की घोषणा कर चुका है। यह मिशन वर्ष 2022-23 में लॉन्च किया जाएगा।