एकेडेमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट में संस्थाओं की बढ़ती संख्या

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चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारत सरकार ने भारतीय तकनीकी संस्थान (IITs), भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIMs) तथा राष्ट्रीय महत्त्व के अन्य संस्थानों (Institutes of National Importance: INIs) को ‘एकेडेमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट’ (Academic Bank of Credit: ABC) के अंतर्गत शामिल किया है।

एकेडेमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट (ए.बी.सी.)

ए.बी.सी. एक प्रकार का डिज़िटल खाता है जो विद्यार्थियों के अकादमिक डिग्रियों को संग्रहित रखता है। इसके अंतर्गत विद्यार्थी एक संस्थान से किसी पाठ्यक्रम का 50% अध्ययन करने के पश्चात शेष का अध्ययन किसी अन्य संस्थान से भी कर सकते हैं।

ए.बी.सी. ढाँचा छात्रों को किसी डिग्री या पाठ्यक्रम को बीच में छोड़ने और संबंधित प्रमाणन प्राप्त करने तथा एक निश्चित समय के बाद शेष पाठ्यक्रम को पुनः शुरू करने में सक्षम बनाता है।

इसके अंतर्गत छात्रों के पाठ्यक्रम क्रेडिट को केवल शिक्षण संस्थानों के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।

अन्य प्रमुख बिंदु

यह छात्रों को किसी पाठ्यक्रम का अध्ययन करते हुए एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरण के लिये लचीलापन प्रदान करता है। कोई भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय इस ढाँचे के तहत शामिल हो सकता है।

इससे पूर्व केवल ग्रेड A के रूप में मान्यता प्राप्त या राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क के शीर्ष 100 में शामिल विश्वविद्यालय एवं स्वायत्त महाविद्यालय ही ए.बी.सी. के साथ पंजीकृत किये जा सकते थे।