एनाबॉलिक स्टेरॉयड

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चर्चा में क्यों

एथिलीटों द्वारा खेल में प्रतिबंधित होने एवं अवैध इस्तेमाल को लेकर ‘एनाबॉलिक स्टेरॉयड’ (Anabolic Steroids) प्राय: चर्चा में रहता है।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड

एनाबॉलिक स्टेरॉयड वस्तुतः प्रयोगशाला में निर्मित टेस्टोस्टेरोन (एक प्रकार का पुरुष हार्मोन) ही है, जो प्राकृतिक हार्मोन की तरह ही मांसपेशियों की वृद्धि में सहायक होते हैं।

यह किसी व्यक्ति में पुरुष की विशेषताओं, जैसे- चेहरे के बाल तथा भारी आवाज में वृद्धि करता है।

अन्य स्टेरॉयड से अंतर

एनाबॉलिक स्टेरॉयड डॉक्टरों द्वारा प्रदाह (Inflammations), कई ऑटोइम्यून बीमारियों या कोविड-19 संक्रमण के दौरान शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने के लिये निर्धारित स्टेरॉयड से बहुत अलग है।

इन दवाओं को कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) कहा जाता है। प्रयोगशाला में निर्मित ये अणु कोर्टिसोल नामक हार्मोन की प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए शरीर की तनाव के प्रति प्रतिक्रिया, चयापचय और प्रदाह को नियंत्रित करता है।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के विपरीत एनाबॉलिक स्टेरॉयड का चिकित्सकीय उपयोग सीमित है।

सीमित उपयोग

कई बार डॉक्टरों द्वारा गंभीर बीमारी या चोट के बाद रोगियों को वजन बढ़ाने के लिये एनाबॉलिक स्टेरॉयड दिया जाता है।

मांसपेशी निर्माण के लिये बुजुर्गों को इसे कम मात्रा में दिया जा सकता है। साथ ही, कुछ मामलों में यह एनीमिया के इलाज में भी सहायक होता है।

डॉक्टर प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन के कम स्तर वाले पुरुषों को भी इसे देते हैं। कुछ डॉक्टर ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज के लिये इसका प्रयोग करते है।

बॉडीबिल्डर्स भी प्राय: एनाबॉलिक स्टेरॉयड का प्रयोग करते हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से एथलीटों और खिलाड़ियों द्वारा इसका दुरुपयोग किया जाता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

अल्पावधि में एनाबॉलिक स्टेरॉयड के प्रयोग से मुंहासे और बाल झड़ सकते हैं। साथ ही, इसके अत्यधिक दुरुपयोग से पुरुषों में स्तन का विकास (Gynaecomastia) और नपुंसकता (Erectile Dysfunction) हो सकता है।

महिलाओं में इसके प्रयोग से चेहरे पर बालों का विकास, अत्यधिक क्रोध, मानसिक विक्षेप और गलत निर्णय की स्थिति पैदा हो सकती है।

इसके दुरुपयोग से हृदय और वृक्क (Kidney) को क्षति पहुंच सकती है और क्रोध जैसे मानसिक समस्याओं में वृद्धि हो सकती है।