कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली

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संदर्भ: नालसा (NALSA) द्वारा पूरे भारत में 365 जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों में पूर्णकालिक कानूनी सहायता वकीलों के साथ ‘कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली’ (Legal Aid Defense Counsel System – LADCS) का आरंभ किया गया है।


LADCS क्या है?
‘कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली’ (LADCS) एक नालसा द्वारा वित्त पोषित परियोजना है, जो अभियुक्त व्यक्तियों को आपराधिक मुकदमों में अपना बचाव करने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता (सार्वजनिक रक्षक प्रणाली के अनुरूप) प्रदान करती है।


‘राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण’ (NALSA) के बारे में:
समाज के दुर्बल वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सेवाएँ प्रदान करने और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु ‘विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम’, 1987 के अंतर्गत ‘राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण’ / ‘नालसा’ (National Legal Services Authority – NALSA) का गठन किया गया है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है, कि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण किसी भी नागरिक को न्याय हासिल करने के अवसरों से वंचित नहीं किया जाए।
नालसा द्वारा ‘न्याय दीप’ (Nyaya Deep) शीर्षक से आधिकारिक सूचना-पत्र का प्रकाशन किया जाता है।
‘राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण’ द्वारा विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु ‘लोक अदालतों’ का आयोजन किया जाता है।


संरचना:
‘विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम’ की धारा 3(2) के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश ‘राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण’ (NALSA) के प्रधान- संरक्षक होंगे।
सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश, इसके कार्यकारी-अध्यक्ष होते हैं।