क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान 

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केंद्रीय आयुष, पत्‍तन, नौवहन और जलमार्ग मंत्री ने 20 नवंबर, 2022 को सिलचर में क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM) के अत्याधुनिक परिसर का उद्घाटन किया। अभी हाल में खोला गया यह संस्थान आयुष चिकित्‍सा प्रणालियों में से एक परंपरागत यूनानी चिकित्सा के बारे में पूर्वोत्तर में स्‍थापित पहला केंद्र है। 3.5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस नए परिसर का निर्माण 48 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है। इस परिसर का विकास भारत सरकार के उद्यम-राष्ट्रीय परियोजना निर्माण निगम (NPCC) द्वारा किया गया है। इसे भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRUM) को सौंपा गया है।उन्‍होंने यह भी बताया कि यूनानी पद्धति न केवल भारत में बल्कि अन्य देशों में भी सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक दवा पद्धतियों में से एक है। यूनानी चिकित्सा पर यह अत्याधुनिक संस्थान अब सिलचर से काम कर रहा है ताकि लोगों को अच्‍छा उपचार प्राप्त करने और जीवन की गुणवत्ता को फिर से हासिल करने में मदद मिले। यूनानी चिकित्सा का मूल विश्वास इस सिद्धांत पर कार्य करता है कि मानव शरीर की अपनी ही स्वयं की उपचार शक्ति होती है जिसे बढ़ावा देने की ज़रूरत पड़ती है। इस  चिकित्‍सा प्रणाली का मुख्‍य लाभ यह है कि यह हर्बल दवाइयों का उपयोग करके रोगों की रोकथाम और उपचार में मदद करती है।