गन्ने के मूल्य में संशोधन

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चर्चा में क्यों
हाल ही में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गन्ने के लिये ‘उचित एवं लाभकारी मूल्य’ (Fair and Remunerative Price : FRP) में वृद्धि की घोषणा की है।


प्रमुख बिंदु
चीनी विपणन वर्ष 2022-23 के लिये गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य में 15 रूपए/क्विंटल की वृद्धि की गई है। इस प्रकार, अब गन्ने का मूल्य 305 रूपए/क्विंटल हो गया है।
उल्लेखनीय है कि चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर-सितंबर होता है।
मूल्य वृद्धि का निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices : CACP) की एक सिफारिश पर आधारित है।
सलाहकारी निकाय होने के कारण इसकी सिफारिशें सरकार के लिये बाध्यकारी नहीं हैं।
एफ़.आर.पी. वह न्यूनतम मूल्य है जिसके आधार पर चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ने की फसल की खरीद की जाती है। इसकी घोषणा आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा की जाती है।
एफ़.आर.पी. गन्ना उद्योग के पुनर्गठन को लेकर रंगराजन समिति की रिपोर्ट पर आधारित है।
इसका भुगतान आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जारी गन्ना नियंत्रण आदेश, 1966 द्वारा नियंत्रित होता है।
गौरतलब है कि गन्ने के अतिरिक्त अन्य कई फसलों के लिये सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा की जाती है।
गन्ना उत्पादन के लिये अनुकूल परिस्थितियां
तापमान : उष्ण और आर्द्र जलवायु में 21 से 27°C के मध्य।
मृदा का प्रकार : मोटी परत वाली उर्वरा दोमट मृदा।
इसे बलुई दोमट से लेकर चिकनी दोमट मिट्टी तक सभी प्रकार की मृदा में उगाया जा सकता है।
इसके लिये अच्छी जल निकासी वाली मृदा उपयुक्त होती है।
वर्षा : लगभग 75 से 100 सेमी
शीर्ष गन्ना उत्पादक राज्य : उत्तर प्रदेश> महाराष्ट्र> कर्नाटक> तमिलनाडु> बिहार।
महाराष्ट्र पांच वर्ष बाद उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर भारत का शीर्ष चीनी उत्पादक राज्य बन गया है।
वैश्विक उत्पादन : ब्राज़ील के बाद भारत गन्ने का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
गन्ना चीनी, गुड़, खांडसारी, शोरा और राब का मुख्य स्रोत है।