छत्तीसगढ़ के 5 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण-पत्र

140

चर्चा में क्यों?

29 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीज़ों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने वाले छत्तीसगढ़ के पाँच सरकारी अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र पाने वाले पाँच सरकारी अस्पतालों में तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले के आमाडांड, बस्तर के आड़ावाल और कांकेर के कोटतरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा रायपुर के भाठागाँव शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दुर्ग ज़िले के टंकी मरोदा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है।
  • गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा विगत मार्च महीने में इन पाँचों अस्पतालों का निरीक्षण कर वहाँ मरीज़ों के लिये उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया था। उन्होंने इस संबंध में मरीज़ों से भी फीडबैक लिया था।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के अंतर्गत राज्य के अस्पतालों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और मरीज़ों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिये स्वास्थ्यकर्मियों के नियमित प्रशिक्षण के बाद संस्था का आंतरिक तथा राज्यस्तरीय मूल्यांकन, सेवा प्रदान ऑडिट तथा पेशेंट संतुष्टि सर्वे की प्रक्रिया की जाती है।
  • उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का कई मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।