जगार-2022 : सिद्धहस्त शिल्पियों को वर्ष 2019-20 तथा 2020-21 के राज्यस्तरीय पुरस्कार से नवाज़ा गया

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चर्चा में क्यों?

16 जून, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ पंडरी हाट बाज़ार परिसर में आयोजित दस दिवसीय ‘जगार-2022’ मेले में सिद्धहस्त शिल्पकारों को राज्यस्तरीय हस्तशिल्प पुरस्कार और आईआईसीडी जयपुर से उत्तीर्ण हुए बुनकर छात्रों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि 10 जून से 19 जून तक चलने वाले इस दस दिवसीय जगार मेले में छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों के शिल्पकारों एवं बुनकरों के विभिन्न उत्पाद के प्रदर्शन सह विक्रय के लिये 140 स्टॉल लगे हैं।
  • राज्यस्तरीय पुरस्कार हेतु चयनित शिल्पियों में अंबालाल झारा, ढ़ोकरा शिल्पकार (रायगढ़), तिलोचनी देवांगन, तुमा शिल्पी (बस्तर), रेणु विश्वकर्मा, पेपर मेशी आर्ट शिल्पी (रायपुर), फरहारो प्रजापति, गोदना शिल्पी (सरगुजा) और प्रतिमा डहरवाल, भित्ति चित्र शिल्पी (रायपुर) को वर्ष 2019-20 का राज्यस्तरीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • इसी तरह जितेंद्र कुमार बैद्य, ढ़ोकरा शिल्पकार (कोंडागाँव) और चांईबाई झारा, ढ़ोकरा शिल्पी (रायगढ़), भागेलाल सोड़ी, लौह शिल्पकार (कोंडागाँव), दशरथ कश्यप, काष्ठ शिल्पकार, (बस्तर) तथा चंपा पावले, गोदना शिल्पी (सरगुजा) को वर्ष 2020-21 का राज्यस्तरीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • कार्यक्रम में आईआईसीडी जयपुर से उत्तीर्ण हुए छात्रों में राजेश कुमार, दीपक झोरका, मनोज कुमार तथा राजेंद्र को वर्ष 2020 (क्राफ्ट डिजाइन) हार्ड मटीरियल एप्लीकेशन में 4 वर्षीय डिप्लोमा के लिये प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि यह जगार-2022 मेला कोरोना संक्रमण काल के कारण दो वर्षों बाद लगा है। इस मेले में हस्तशिल्प के विभिन्न उत्पादों के साथ ही हथकरघा, खादी ग्रामोद्योग, माटीकला के अनेक आकर्षक उत्पादों की प्रदर्शनी बिक्री के लिये लगाई गई है।
  • इन स्टॉलों में से छत्तीसगढ़ के लिये कुल 80 स्टॉल आवंटित किये गए हैं। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और जम्मू एवं कश्मीर के शिल्पकार 60 स्टॉलों में अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं।
  • जगार मेला-सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य के सुप्रसिद्ध हस्तशिल्प बेलमेटल शिल्प, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, बाँस शिल्प कालीन शिल्प, शिसल शिल्प, गोदना शिल्प, तुमा शिल्प, टेराकोटा शिल्प, छिंद काँसा, हथकरघा वस्त्रों में कोसे की साड़ियाँ, दुपट्टा, सलवार-सूट, ड्रेस मटेरियल, बेडशीट, चादरें एवं विभिन्न प्रकार के रेडीमेड वस्त्र का प्रदर्शन सह-विक्रय किया जाएगा।
  • जगार मेला-2022 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ की चिकनकरी, बनारस की बनारसी साड़ी, मध्य प्रदेश की चंदेरी, महेश्वरी एवं टीकमगढ़ का ब्रांस, पश्चिम बंगाल का जूटवर्क, कांथावर्क एवं बंगाली साड़ियों के अतिरिक्त पंजाब की फूलकारी, राजस्थान की मोजरी व गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार एवं जम्मू-कश्मीर सहित कुल 11 राज्यों की शिल्प कलाओं का संग्रह देखने को मिल रहा है।