ट्राई के 25 वर्ष

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चर्चा में क्यों?

हाल ही में, दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) ने ट्राई अधिनियम के 25 वर्ष पुरे होने पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया।

प्रमुख बिंदु

इस संगोष्ठी का विषय ‘ट्राई अधिनियम के 25 वर्ष: हितधारकों के लिये मार्ग (दूरसंचार, प्रसारण, आई.टी., ए.ई.आर.ए. और आधार)’ था। 

उल्लेखनीय है कि ट्राई (भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक स्वायत्त नियामक प्राधिकरण है।

इसकी स्थापना वर्ष 1997 में ट्राई अधिनियम के तहत भारत में दूरसंचार क्षेत्र को विनियमित करने के लिये की गई थी।

इसका उद्देश्य समान अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिये एक उचित एवं पारदर्शी परिवेश उपलब्ध कराना है। साथ ही, इसने दूरसंचार हितधारकों के बीच विवाद समाधान के लिये भी एक तंत्र उपलब्‍ध कराया है। 

ट्राई के न्‍यायनिर्णय तथा विवाद दायित्‍वों को कम करने के लिये दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण की स्‍थापना वर्ष 2000 में ट्राई अधिनियम में संशोधन के माध्यम से की गई।