‘दही हांडी’ को खेल का दर्जा

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खो-खो और कबड्डी की तरह, दही हांडी को अब महाराष्ट्र में एक खेल का दर्जा दिया गया है। इसे एक तरह का एडवेंचर स्पोर्ट्स माना जाएगा।

मुख्य बिंदु 

  • मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में बताया कि दही हांडी में शामिल होने वाले गोविंदाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ, सरकारी नौकरियों में 5 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
  • गोविंदा को अब बीमा सुरक्षा भी दी जाएगी। यदि दही हांडी खेलते समय कोई दुर्घटना हो जाती है और ऐसी स्थिति में किसी गोविंदा की मृत्यु हो जाती है तो संबंधित गोविंदा के परिजनों को सहायता के रूप में 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
  • गोविंदा की दोनों आंखें या दोनों पैर या दोनों हाथ या शरीर के कोई दो महत्वपूर्ण अंग पर गंभीर चोट लगने पर राज्य सरकार की ओर से उन्हें साढ़े सात लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।