दिल्ली एन.सी.आर. में कोयले के प्रयोग पर प्रतिबंध

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चर्चा में क्यों

हाल ही में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक जनवरी, 2023 तक दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कोयले को चरणबद्ध तरीके से हटाने का आदेश जारी किया है।

प्रमुख बिंदु

आयोग द्वारा 1 अक्टूबर, 2022 से दिल्ली एन.सी.आर. के ऊर्जा-गहन उद्योगों में उन क्षेत्रों के लिये व्यापक कोयले पर प्रतिबंध लगाया गया है, जहाँ पाइप प्राकृतिक गैस (PNG) का बुनियादी ढाँचा और आपूर्ति पहले से ही उपलब्ध है।

दिल्ली एन.सी.आर. के उन क्षेत्रों में जहाँ अभी तक पी.एन.जी. की आपूर्ति उपलब्ध नहीं है, वहाँ यह प्रतिबंध एक जनवरी, 2023 से लागू होगा।

चूंकि बिजली संयंत्रों में व्यावहारिक तौर पर कोयले का इस्तेमाल अचानक से बंद नहीं किया जा सकता है, इसलिये कम सल्फर वाले कोयले के प्रयोग को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। विदित है कि कम सल्फर वाला कोयला, पारंपरिक कोयले की तुलना में कम सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन करता है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग

इस आयोग को अगस्त 2021 में स्वतंत्र वैधानिक इकाई के रूप में स्थापित किया गया था। इसने पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण को प्रतिस्थापित किया था। यह आयोग वायु प्रदूषण पर देश का सर्वोच्च शासकीय निकाय है।