दुर्लभ प्रजाति का सांप : दंतेवाड़ा

219

छत्तीसगढ़ के जंगलों में एक दुर्लभ प्रजाति का सांप मिला है. इस सांप का नाम ‘एरो हेडेड ट्रिंकेट’ है. वन्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस प्रजाति के सांप को पहली बार प्रदेश में देखा गया है. जिस जगह ये सांप मिला है वहां और भी सांप होने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल स्नैक रेस्क्यू टीम ने इस सांप को बचाकर बैलाडीला के घने जंगलों में छोड़ा (Arrow headed Trinket snake Found in dantewada ) है.

कैसा होता है ‘एरो हेडेड स्नैक’ – यह बेहद ही शर्मीले किस्म का सांप होता है. जो पेड़ की टहनियों और जमीन दोनों जगहों पर रहता है. सांप के शरीर का निचला हिस्सा सफेद और ऊपरी हिस्सा हल्के पीले रंग का होता है. तीर के आकार का सिर होने के कारण इस सांप का नाम एरो हेडेड ट्रिंकेट पड़ा. इस सांप के दांतों में विष नहीं होता.

कहां पकड़ा गया सांप : दंतेवाड़ा के NMDC स्क्रीनिंग प्लांट 10-11 में इस सांप को देखा गया था. जिसके बाद स्नेक रेस्क्यू की टीम को सांप को पकड़ने के लिए बुलाया गया. सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर इसे बैलाडीला के सुरक्षित जंगल में ही छोड़ दिया ( Rescue done in Bailadila forests) गया. सांप का मुख्य आहार चिड़िया, मेंढ़क, गिरगिट, छिपकली, और चूहे हैं. हल्के भूरे और चितकबरे कलर का यह सांप देखने में बेहद खूबसूरत है.

कहां पाया जाता है सांप : एरो हेडेड ट्रिंकेट सांप आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड समेत गोवा के जंगल में बहुतायत मिलते हैं. ये बेहद ही दुर्लभ प्रजाति का सांप है. इसके दांतों में जहर बिल्कुल भी नहीं होता. यह अपने शिकार को दबोचकर मारता है. यदि यह किसी को काट ले तो भी कोई नुकसान नहीं होता है.