न्यू ‘बेंट-टोड गेको’ को आर्मी टैग

90

चर्चा में क्यों

सरीसृप विज्ञानवेत्ताओं ने मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन के जंगली क्षेत्र से ‘बेंट-टोड गेको’ (Bent-Toed Gecko) की एक नई प्रजाति की उपस्थिति को रिकॉर्ड किया है।

प्रमुख बिंदु

न्यू ‘बेंट-टोड गेको’ छिपकली की एक प्रजाति है, जिसका वैज्ञानिक नाम ‘क्रायटोडैक्टाइलस एक्सर्सिटस’ (CrytodactylusExercitus) है। लैटिन भाषा में एक्सर्सिटस का अर्थ सेना होता है। यह नाम सेना के सम्मान में दिया गया है। 

इस नई प्रजाति का अंग्रेजी नाम ‘इंडियन आर्मी बेंट-टोड गेको’ (Indian Army’s Bent-Toed Gecko) है। इससे संबंधित अध्ययन ‘यूरोपियन जर्नल ऑफ टैक्सोनॉमी’ में प्रकाशित हुआ था।

अन्य प्रमुख ‘बेंट-टोड गेको’

साथ ही, एक अन्य नए ‘बेंट-टोड गेको’ को मिज़ोरम के सियाहा ज़िले के आधार पर ‘क्रायटोडैक्टाइलस सियाहेन्सिस’ (CyrtodactylusSiahaensis) नाम दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मिजोरम के लंगलेई शहर में पाई गई ‘बेंट-टोड गेको’ की एक प्रजाति को ‘क्रायटोडैक्टाइलस लंगलेनेसिस’ (CyrtodactylusLungleiensis) नाम दिया गया था।

क्रायटोडैक्टाइलस की भारत में लगभग 40 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिसमें से 16 प्रजातियाँ उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

सरीसृप एवं उभयचर के अध्ययन में विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्ति को ‘हर्पेटोलॉजिस्ट’ (Herpetologists) या सरीसृप विज्ञानवेत्ता कहते हैं।