पाट जात्रा : बस्तर दशहरा की शुरुआत

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विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। 75 दिनों तक चलने वाला यह दशहरा पर्व पाटजात्रा से शुरू हुआ। बस्तर में हर वर्ष की तरह इस साल भी दशहरे का आगाज हरेली अमावस को पाटजात्रा की रस्म कर आज से शुरू हो गया है। प्रथम रस्म के तौर पर पाटजात्रा का विधान पूरा किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • बस्तर में हर वर्ष की तरह इस साल भी दशहरे का शुभारंभ हरेली अमावस्या को पाटजात्रा की प्रथम रस्म से शुरू हुआ।
  • पाटजात्रा बस्तर दशहरा की प्रथम महत्त्वपूर्ण रस्म है, जिसमें दंतेश्वरी मंदिर के समक्ष माचकोट के जंगल से लाई गई साल वृक्ष की लकड़ी (ठुरलू खोटला) की पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। 
  • बस्तर दशहरा निर्माण की पहली लकड़ी को स्थानीय बोली में ठुरलू खोटला एवं टीका पाटा कहते हैं।
  • बस्तर दशहरा की परंपरा के अनुसार, पाटजात्रा के लिये होने वाली पूजा में बस्तर महाराज की ओर से माझी-मुखिया पूजन सामग्री लेकर सिरहासार पहुँचते हैं और पाटजात्रा एवं अन्य पूजा विधान संपन्न कराते हैं।