प्रधानमंत्री संग्रहालय

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चर्चा में क्यों

हाल ही में, प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्रियों को समर्पित ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का उद्घाटन किया। 

प्रमुख बिंदु

यह संग्रहालय भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निवास ‘तीन मूर्ति परिसर’ में स्थापित किया गया है। विदित है कि इस परिसर को पंडित नेहरू की मृत्यु के बाद ‘नेहरू मेमोरियल संग्रहालय एवं पुस्तकालय’ (NMML) में परिवर्तित कर दिया गया था।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री संग्रहालय को स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार ने इस परियोजना की घोषणा वर्ष 2018 में की थी। 

‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के तहत स्थापित यह संग्रहालय युवाओं के लिये प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इससे वे पूर्व प्रधानमंत्रियों के ज्ञान, अनुभव तथा भारत के विकास क्रम में उनके योगदान को समझने में सक्षम होंगे।

यह संग्रहालय प्रत्येक सरकार की साझा विरासत का जीवंत प्रतिबिंब है।

प्रमुख विशेषताएँ

संग्रहालय के प्रतीक चिह्न (Logo) में ‘धर्म चक्र पकड़े हाथ’ को दर्शाया गया है। यह धर्म चक्र राष्ट्र और लोकतंत्र का प्रतीक है।

संग्रहालय के डिज़ाइन में टिकाऊ और ऊर्जा संरक्षण प्रथाओं को शामिल किया गया है इस परियोजना में पर्यावरण को किसी भी प्रकार से क्षति नहीं पहुँचाई गई।

संग्रहालय में पूर्व प्रधानमंत्रियों के जीवन और कार्यकाल के साथ-साथ एक ध्वनि और प्रकाश शो पर 43 दीर्घाएँ (Galleries) शामिल हैं।

स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान के निर्माण तक, संग्रहालय में प्रदर्शनी होंगी जो प्रदर्शित करेंगी कि कैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों ने देश के विकास को एक नई दिशा प्रदान की।

संग्रहालय में प्रत्येक प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत वस्तुएँ, उपहार और यादगार वस्तुएँ, जैसे- पदक, स्मारक टिकट, उनके भाषण और विचारधाराओं के वास्तविक चित्रण संग्रहालय में प्रदर्शित होंगे। 

संग्रहालय में नेहरू संग्रहालय भी शामिल होगा। प्रधानमंत्री नेहरू के जीवन और उनके योगदान को प्रदर्शित करने के लिये इसे तकनीकी रूप से उन्नत डिस्प्ले के साथ अपग्रेड किया गया है। 

संग्रहालय प्रदर्शनी सामग्री को परस्पर संवादात्मक बनाने के लिये होलोग्राम, आभासी वास्तविकता, संवर्धित वास्तविकता, मल्टी-टच, मल्टीमीडिया, इंटरेक्टिव कियोस्क, कम्प्यूटरीकृत गतिज मूर्तियां (Computerised Kinetic Sculptures), स्मार्टफोन एप्लिकेशन, इंटरैक्टिव स्क्रीन, अनुभवात्मक स्थापना (Experiential Installations) आदि का उपयोग किया गया है।

संग्रहालय में प्रदर्शित सामग्री प्रसार भारती, दूरदर्शन, फिल्म प्रभाग, संसद टीवी, रक्षा मंत्रालय और भारतीय और विदेशी मीडिया समूहों से एकत्र की गई जानकारी से संवर्धित है।