बम चक्रवात

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संदर्भ:   

अमेरिका के पूर्वी तट पर, मध्य अटलांटिक की ओर से आने वाले “बम चक्रवात” (Bomb Cyclone) अथवा नॉर’एस्टर (Nor’easter) से निपटने हेतु युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

‘बम चक्रवात’ के बारे में:

‘बॉम्बोजेनेसिस’ (Bombogenesis) इस प्रकार के चक्रवातों के लिए एक तकनीकी शब्द है। इसे संक्षिप्त रूप से एवं बेहतर उपयोग के लिए, मीडिया / सोशल मीडिया पर प्रायः ‘बम साइक्लोन’  (Bomb Cyclone) कहा जाता है।”

यह एक मध्य अक्षांशीय चक्रवात है जो काफी कम समय में तेजी से प्रचंड हो जाता है।

इसके केंद्र में निम्न वायुदाब होता है, और इसमें ख़राब मौसम एवं बर्फीले तूफ़ान से लेकर तेज आंधी और भारी वर्षा तक मौसम से संबंधित कई रूप देखने को मिलते हैं।

उत्पत्ति:

आम तौर पर,  जब ‘चक्रवात के केंद्र में वायुमंडलीय दाब, 24 घंटों में कम से कम 24 मिलीबार तक गिर जाता है, जिससे इसकी प्रचंडता में तेजी से वृद्धि होने लगती है, तब इसे ‘बम चक्रवात’ कहा जाता है या इस तरह से बम चक्रवात की उत्पप्ति होती है। चक्रवात के केंद्र में वायुदाब जितना कम होगा, तूफान उतना ही प्रचंड होगा।

यह हरिकेन से किस प्रकार भिन्न है?

‘बम चक्रवात’ मुख्यतः ‘उष्णकटिबंधीय हरिकेन चक्रवातों’ से भिन्न, एक तेजी से विकसित होने वाली चक्रवात प्रणाली के समान होता है।  ‘उष्णकटिबंधीय हरिकेन’ (Tropical Hurricane) की उत्पत्ति, मध्य अक्षांशों में उष्ण वाताग्र एवं शीत वाताग्र के मिलने से होती है, जबकि ‘बम चक्रवात’ के निर्माण के लिए ग्रीष्मकालीन के अंतिम दौर में सागरीय जल की अशांत अवस्था प्रेरक का कार्य करती है।

बम चक्रवातों में ठंडी हवा और वाताग्र पाए जाते हैं। ठंडी हवा ‘हरिकेन’ को तेजी से शांत कर देती है, जबकि बम चक्रवातों का यह एक मुख्य घटक होती है।

बम चक्रवातों का निर्माण सर्दियों के दौरान होता है। हरिकेन चक्रवातों की उत्पप्ति आरंभिक ग्रीष्मकाल से लेकर शीतकाल के शुरू होने के बीच होती है। जबकि बम चक्रवातों की उत्पप्ति शुरुआती शीतकाल से लेकर के ग्रीष्मकाल शुरू होने के बीच होती है।

बम चक्रवात, उच्च अक्षांशों पर निर्मित होते हैं। हरिकेन तूफानों का निर्माण उष्णकटिबंधीय जल में होता हैं, जबकि ‘बम चक्रवातों’ की उत्पत्ति उत्तर-पश्चिमी अटलांटिक, उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर और कभी-कभी भूमध्य सागर के ऊपर होती है।