बैड बैंक

110

संदर्भ:

इस वर्ष (2021) के बजट में घोषित किए जाने वाले एक प्रमुख प्रस्ताव – घाटे में चल रही बैंकिंग प्रणाली में तनावग्रस्त संपत्तियों से निपटने के लिए एक ‘बैड बैंक’ (Bad Bank) की स्थापना – के लिए सभी नियामकों का अनुमोदन प्राप्त जो चुका है।

‘राष्ट्रीय आस्ति पुनर्संरचना कंपनी लिमिटेड’ (NARCL) क्या है?

ऋणदाताओं की तनावग्रस्त आस्तियों की जिम्मेवारी लेने हेतु प्रस्तावित बैड बैंक अर्थात ‘राष्ट्रीय आस्ति पुनर्संरचना कंपनी लिमिटेड’ (National Asset Reconstruction Company Ltd. – NARCL) की स्थापना की घोषणा 2021-22 के बजट में की गई थी।

घोषणा के अनुसार, 500 करोड़ और उससे अधिक के बुरे ऋणों को सँभालने हेतु एक बैड बैंक (Bad Bank) की सथापना की जाएगी, तथा इसमें एक ‘आस्ति पुनर्संरचना कंपनी’ (Asset Reconstruction Company- ARC) और एक ‘आस्ति प्रबंधन कंपनी’ (Asset Management Company- AMC) भी शामिल होगी जो बेकार संपत्तियों का प्रबंधन और वसूली करेगी।

यह नई इकाई सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र के बैंकों के सहयोग से स्थापित की जा रही है।

राज्य के अधीन बैंकों के अधिकाँश शेयर वाले, NARCL को ‘भारत ऋण समाधान कंपनी लिमिटेड’ (India Debt Resolution Company Ltd – IDRCL) द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी, जो कि निजी बैंकों के अधिकाँश शेयर वाली, एक ‘प्रिंसिपल-एजेंट’ के रूप में समाधान प्रक्रिया का एक भाग होगी।

NARCL, मौजूदा ‘आस्ति पुनर्संरचना कंपनियों’ (ARCs) से किस प्रकार भिन्न होगी?

चूंकि, यह विचार सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया है और इसका अधिकाँश स्वामित्व, राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों के पास रहने की संभावना है, अतः इस प्रस्तावित बैड बैंक का स्वरूप सार्वजनिक क्षेत्र का होगा।

वर्तमान में, ‘आस्ति पुनर्संरचना कंपनियां’ आमतौर पर ऋणों पर भारी छूट चाहती हैं। चूंकि यह एक सरकारी पहल है, अतः प्रस्तावित बैड बैंक के साथ आकलन संबंधी मुद्दा नहीं होगा।

सरकार समर्थित ‘आस्ति पुनर्संरचना कंपनी’ के पास बड़े खातों को खरीदने के लिए पर्याप्त क्षमता होगी और इस प्रकार बैंकों के लिए इन बुरे खातों को अपने खाता-विवरण में रखने से मुक्त किया जाएगा।