भारत की पहली कार्बन तटस्थ पंचायत

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चर्चा में क्यों

जम्मू के सांबा ज़िले का पल्ली गाँव कार्बन तटस्थ (Carbon Neutral) बनने वाला देश का पहला पंचायत क्षेत्र बन गया है।

प्रमुख बिंदु

पल्ली गाँव पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित है तथा इसके सभी रिकॉर्ड डिजिटल हैं।

एक आदर्श पंचायत के रूप में यह गाँव जम्मू-कश्मीर और देश की अन्य पंचायतों को कार्बन तटस्थ बनने हेतु प्रेरित करने में सहायक है।

भारत ने ग्लासगो में आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्मलेन में अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए कार्बन उत्पादन को कम करने पर ज़ोर दिया है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में पल्ली में 500 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन भी किया है।

सरकार पंचायतों को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिये प्रौद्योगिकी संबंधी प्रमुख उपायों, जैसे- ई-स्वराज और भुगतान के तरीकों पर ज़ोर दे रही है।

कार्बन तटस्थता 

कार्बन तटस्थता से तात्पर्य शुद्ध-शून्य कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (Net Zero Carbon dioxide Emission) प्राप्त करने से है। इसका अर्थ यह है कि जितनी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित की जाएगी, उसी अनुपात में उसकी मात्रा को वातावरण से हटाया भी जाएगा। 

नेट ज़ीरो एक ऐसी अवस्था है जिसमें किसी देश के उत्सर्जन की भरपाई वातावरण से ग्रीनहाउस गैसों के अवशोषण और उन्हें हटाने से होती है। इसे ‘कार्बन तटस्थता’ के रूप में भी जाना जाता है।