मगरमच्छ संरक्षण परियोजना

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भितरकनिका में मगरमच्छ संरक्षण परियोजना की शुरुआत वर्ष 1975 में हुई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य सरीसृपों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना और कैप्टिव प्रजनन के माध्यम से आबादी का पुनर्निर्माण करना था क्योंकि प्रकृति में मगरमच्छों के बच्चों के जीवित रहने की दर शिकार के कारण कम है।
ओडिशा भारतीय मगरमच्छोंकी तीनों प्रजातियों के आवास के लिये प्रसिद्ध है, वर्ष 1975 में यहाँ पहली बार घड़ियाल और खारे पानी के मगरमच्छ के संरक्षण का कार्यक्रम शुरु किया गया था और उसके बाद मगर संरक्षण योजना आई।
UNDP/FAO ने भारत सरकार के माध्यम से वित्त और अन्य तकनीकी सहायता प्रदान की है।