मुक्केबाजी विश्व चैंपियन : निकहत जरीन (5वीं भारतीय महिला)

70

निकहत ज़रीन (Nikhat Zareen) ने थाई ओलंपियन जुतामास जितपोंग (Jutamas Jitpong) को 5-0 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और महिला विश्व चैंपियनशिप, इस्तांबुल में विश्व खिताब जीतने वाली पांचवीं भारतीय महिला बन गईं। निकहत इस प्रकार मैरी कॉम, सरिता देवी, जेनी आरएल और लेखा केसी के बाद विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली केवल पांचवीं भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। 25 साल की जरीन पूर्व जूनियर यूथ वर्ल्ड चैंपियन हैं।

ऐसा करने वाली 5वीं भारतीय महिला बॉक्सर

बता दें निकहत जरीन 5वीं भारतीय महिला बॉक्सर हैं, जिन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस चैम्पियनशिप में मैरीकॉम ने 6 बार स्वर्ण पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाया है. इस चैम्पियनशिप में मैरीकॉम, निखत के अतिरिक्त सरिता देवी, जेनी आरएल और लेखा केसी भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं.

जाने कौन हैं निकहत जरीन?

निकहत जरीन का जन्म तेलंगाना के निजामाबाद में 14 जून 1996 को हुआ था. निकहत जरीन के पिता का नाम मुहम्मद जमील अहमद तथा माता का नाम परवीन सुल्ताना है. इस भारतीय महिला खिलाड़ी ने मात्र 13 साल की उम्र में बाक्सिंग ग्ल्बस से दोस्ती कर ली थी. वे भारतीय मुक्केबाजी की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी एमसी मैरीकाम को अपना आदर्श मानती हैं. निकहत जरीन की दो बड़ी बहनें डॉक्टर हैं.

निकहत ने अपने करियर का पहला पदक साल 2010 में नेशनल सब जूनियर मीट में जीता था. निकहत ने इसके अगले साल ही 15 साल की उम्र में देश को अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण पदक दिलाया था. उन्होंने तुर्की में साल 2011 महिला जूनियर एवं यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फ्लाइवेट में स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने साल 2019 में बैंकाक में आयोजित थाइलैंड ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया.