राखीगढ़ी में मिले हड़प्पा कालीन मानव कंकाल

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हरियाणा के हिसार जिले में राखीगढ़ी गांव देश ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) यहां लगातार खुदाई कर रहा है। खुदाई में नवीनतम खुदाई में राखी खास और राखी शाहपुर में 5 हजार साल पुरानी हड़प्पाकालीन सभ्यता के निशान मिले हैं। चौड़ी सड़कें, जल निकासी नेटवर्क, बहु-स्तरीय घर और आभूषण बनाने वाली इकाई गवाही दे रहे हैं कि 5000 साल पहले भी यहां मॉर्डन शहर हुआ करता था। 40 पुरातत्वविदों और शोधार्थियों की एक टीम गांव में 350 हेक्टेयर में कुल 11 टीलों में से तीन की खुदाई कर रही है। खुदाई का मौजूदा दौर इस महीने के अंत तक पूरा होने की संभावना है।

राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में सरस्वती तथा दृषद्वती नदियों के शुष्क क्षेत्र में स्थित है। ऐतिहासिक नजरिए से इसका महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह सिन्धु घाटी सभ्यता का भारतीय क्षेत्रों में सबसे विशालतम ऐतिहासिक नगर है। इसकी प्रमुख नदी घग्घर है। पुरातत्ववेत्ताओं ने हरियाणा स्थित राखीगढ़ी की खोज 1963 ई. में की थी। इसका उत्खनन व्यापक पैमाने पर 1997-1999 ई. के दौरान अमरेन्द्र नाथ ने किया था।

2021 से चल रहा खुदाई का तीसरा चरण
तीन साल की लंबी खुदाई के बाद और एएसआई टीमों को सात टीलों का एक समूह मिला, जिन्हें आरजीआर -1 से आरजीआर -7 के रूप में चिह्नित किया गया था। विश्व विरासत कोष की मई 2012 रिपोर्ट में ‘खतरे में एशिया के विरासत स्थल’ में 10 स्थानों को चिह्नित किया गया था। इन स्थानों में से एक राखीगढ़ी भी था। खुदाई का दूसरा दौर 2013 में शुरू हुआ और यह अनुमान लगाया गया कि राखीगढ़ी स्थल हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा अवशेष हो सकता है। 2021 में, साइट ने एक बार फिर पुरातत्वविदों की रुचि को पकड़ लिया और चार और टीले खोजे गए। कुल मिलाकर 350 हेक्टेयर के क्षेत्र में 11 टीले खोजे गए। तब तक, मोहनजोदड़ो, जो 300 हेक्टेयर में फैला है, देश में खोजा गया सबसे बड़ा हड़प्पा शहर माना जाता था।

7000 पहले की हो सकती है सभ्यता
राखीगढ़ी में पुरातत्वविदों को व्यापक नगर नियोजन और इंजिनियरिंग के साक्ष्य मिले हैं। सीधी सड़कें, पक्की दीवारें, बहुमंजिला घर, नालियां और यहां तक कि सड़क के कोनों पर कचरा एकत्र करने का एरिया। अब तक मिले अधिकांश साक्ष्य और कलाकृतियां परिपक्व हड़प्पा काल की हैं, जो लगभग 5,000 वर्ष पुरानी हैं। एएसआई के महानिदेशक संजय कुमार मंजुल ने कहा, ‘हम अभी भी खुदाई कर रहे हैं और इस क्षेत्र के टूटे हुए मिट्टी के बर्तनों और धातु की वस्तुओं से सांस्कृतिक और आर्थिक जड़ों का पता लगाने के लिए साक्ष्य के टुकड़े ढूंढ रहे हैं।’ यह 7000 साल पहले की सभ्यता भी हो सकती है।

DNA से होगा खुलासा
हरियाणा में हड़प्पा कालीन शहरी केंद्र राखीगढ़ी में मिले दो मानव कंकालों से एकत्रित डीएनए नमूने को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट से हजारों साल पहले राखीगढ़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की वंश परंपरा (पूर्वजों) और उनकी भोजन की आदतों के बारे में जानकारी मिल सकती है। दो महिलाओं के कंकाल कुछ महीने पहले टीला संख्या 7 में पाए गए थे, माना जाता है कि यह लगभग 5,000 वर्ष पुराना है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने बताया कि एक गड्ढे में कंकाल के बगल में दबे हुए बर्तन और अन्य कलाकृतियां मिलीं, जो हड़प्पा सभ्यता में अंतिम संस्कार संबंधी कर्मकांड का हिस्सा थीं।