राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना

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छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी (Rahul Gandhi News) ने राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ किया है। इसका लाभ ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों को मिलेगा। इस योजना के तहत राज्य सरकार उन्हें हर साल छह हजार रुपये देगी। पहली किश्त आज जारी की गई है। राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर योजना (Rajiv Gandhi Grameen Bhumihin Krishi Mazdoor Nyay Yojana) का लाभ गरीब मजदूरों को कैसे मिलेगा। साथ ही इसके लिए क्या-क्या कागजातों की जरूरत पड़ेगी और कौन लोग इसके हकदार होंगे।

गरीब भूमिहीनों के लिए बने इस योजना का नाम पूर्व पीएम राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि भूमिहीन मजदूर परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रति वर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। भूमिहीन परिवारों को इस योजना की पहली किश्त की राशि सीधे उनके खातों में राहुल गांधी ने ट्रांसफर किया है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए ऐसी योजना लागू की है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना के लिए वर्ष 2021-22 के बजट में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

छत्तीसगढ़ राज्य में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत लगभग 3 लाख 55 हजार ऐसे परिवार पंजीकृत हुए हैं, जिनके पास कृषि भूमि नहीं हैं और वह मजदूरी कर जीवन-यापन करते हैं। भूमिहीन परिवारों को लाभान्वित करने की छत्तीसगढ़ सरकार की यह अभिनव योजना है। इस तरह की योजना देश के अन्य राज्यों में कहीं नहीं है। राज्य की आबादी में लगभग 70 फीसदी आबादी का जीवन-यापन खेती है। खेती के काम में बड़ी संख्या में भूमिहीन श्रमिक जुड़े हैं। इनमें से कई ऐसे कृषि मजदूर हैं, जिनके पास स्वयं की कृषि भूमि नहीं है और वे दूसरों के यहां खेती-मजदूरी कर जीवन-यापन करते हैं।

ये लोग होंगे पात्र
ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी और पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक और समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे।