लीडर्स इन क्लाइमेट चेंज मैनेजमेंट प्रोग्राम

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चर्चा में क्यों

हाल ही में, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा  भारत में जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभाने के लिये शहरी पेशेवरों के बीच क्षमता निर्माण करने के उद्देश्य से लीडर्स इन क्लाइमेट चेंज मैनेजमेंट प्रोग्राम (LCCM) का शुभारंभ किया है।

प्रमुख बिंदु

राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान एवं विश्व संसाधन संस्थान भारत ने संयुक्त रूप से अभ्यास आधारित इस लर्निंग प्रोग्राम को शुरू किया है।

इस कार्यक्रम के तहत मध्य से कनिष्ठ स्तर के सरकारी अधिकारियों तथा अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं सहित 5,000 पेशेवरों को सक्षम बनाने तथा उन्हें जलवायु परिवर्तन अनुकूलन एवं शमन समाधानों के लिये तैयार करने की कल्पना की गई है।

इस प्रोग्राम के चार चरण हैं, पहला चरण एक ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल है जिसे आठ सप्ताह में पूरा किया जा सकता है।

दूसरा चरण चार से छह दिनों तक चलने वाला आमने-सामने यानी फेस-टू-फेस सत्र है, तीसरा सत्र सहभागियों को छह से आठ महीनों में एक परियोजना को पूरा करने तथा ज्ञानवर्धक दौरों के लिये अधिदेशित करता है तथा अंतिम चरण में नेटवर्किंग और अभ्यास का एक समुदाय स्थापित करना शामिल है।

राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान

यह संस्थान वर्ष 1976 में स्थापित शहरी नियोजन तथा विकास पर भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय थिंक टैंक है। इसकी स्थापना शहरी क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान के सृजन एवं प्रसार के लिये एक हब के रूप में की गई, जो भारत की चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवोन्मेषी समाधान तथा अधिक समावेशी एवं स्थायी शहरों के लिये मार्ग प्रशस्त करना चाहता है।