वर्क वीज़ा

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परिचय:

भारत जैसे विकासशील देशों में आईटी क्रांति, इंटरनेट और कम लागत वाले कंप्यूटरों के आगमन ने अमेरिका में अपेक्षाकृत कम लागत पर काम करने के इच्छुक लोगों की संख्या को जन्म दिया है जो नियोक्ता और कर्मियों दोनों के लिये एक बेहतरीन स्थिति है। 

अमेरिकी प्रशासन आईटी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में अत्यधिक कुशल कम लागत वाले कर्मचारियों के रिक्त स्थान भरने हेतु प्रत्येक वर्ष एक निश्चित संख्या में वीज़ा जारी करता है।

ये वीज़ा अमेरिका के बाहर की कंपनियों को क्लाइंट साइटों पर काम करने के लिये कर्मचारियों को भेजने की अनुमति देते हैं।

वीज़ा के विभिन्न प्रकार:

H1-B वीज़ा:

संयुक्त राज्य अमेरिका में रोज़गार के इच्छुक लोगों को H1-B वीज़ा प्राप्त करना आवश्यक होता है। H1-B वीज़ा वस्तुतः ‘इमीग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट’ (Immigration and Nationality Act) की धारा 101(a) और 15(h) के अंतर्गत संयुक्त राज्य अमेरिका में रोज़गार के इच्छुक गैर-अप्रवासी (Non-immigrants) नागरिकों को दिया जाने वाला वीज़ा है। 

यह अमेरिकी नियोक्ताओं को विशेषज्ञतापूर्ण व्यवसायों में अस्थायी तौर पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है।

H2-B वीज़ा: 

इस तरह के वीज़ा का आवेदन करने के लिये आवेदन पत्र को श्रम विभाग से प्रमाणित होना चाहिये। यह अस्थायी रोज़गार के लिये जारी किया जाता है। 

L-1 वीज़ा: 

यह एक गैर-प्रवासी वीज़ा है जिसके तहत कंपनियाँ विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में मौजूद अपनी सहायक कंपनियों या फिर मूल कंपनी में रख सकती हैं।

H-4 वीज़ा:

H1-B वीज़ा धारकों के आश्रित परिवार के सदस्यों (पति/पत्नी) को एक H-4 वीज़ा जारी किया जाता है जो कि H1-B वीज़ा धारक के साथ उनके प्रवास के दौरान अमेरिका में ही रहना चाहते हैं। H-4 वीज़ा के तहत मुख्य आवेदक H1-B वीज़ा धारक ही होता है। H-4 वीज़ा के लिये परिवार के सदस्य जैसे पति/पत्नी, 21 वर्ष से कम आयु के बच्चे अर्हता प्राप्त हैं और अपने देश के ही अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में आवेदन कर सकते हैं।

J-1 वीज़ा: 

यह कार्य-अध्ययन से संबंधित ग्रीष्मकालीन कार्यक्रमों पर छात्रों हेतु है।