शाला प्रवेश उत्सव

301

चर्चा में क्यों?

16 जून, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही प्रदेश के प्राथमिक स्कूल परिसरों में 6 हजार 536 बालवाड़ियों को भी शुरू किया।
  • मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित चार जिलों- सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में डेढ़ दशक से बंद पड़े 260 स्कूलों को फिर से शुरू किया। इन स्कूलों में 11 हजार 13 बच्चों ने प्रवेश लिया है।
  • बीजापुर जिले में सबसे अधिक 158, सुकमा जिले में 97, नारायणपुर जिले में 4 और दंतेवाड़ा जिले में एक बंद स्कूल फिर से खोला जा रहा है।
  • मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महात्मा गांधी के आदर्शों पर आधारित स्कूलों में लगाए जाने वाले पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
  • शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’ प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया था, जिसका अच्छा उपयोग शिक्षकों, पालकों और विद्यार्थियों ने किया।
  • प्रदेश में शिक्षा की अधोसंरचना और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश में 171 अंग्रेजी माध्यम और 32 हिन्दी माध्यम के स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।