शिगेला

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चर्चा में क्यों

हाल ही में, केरल के कासरगोड में खाद्य पदार्थों में शिगेला जीवाणु की पहचान की गई है। यह एक वैश्विक समस्या है, जो अधिकांशत: विकासशील देशों में संक्रमण का कारण बनती है।

शिगेला जीवाणु 

शिगेला (Shigella) एक प्रकार का जीवाणु है जो एंटरोबैक्टर (Enterobacter) परिवार से संबंधित है। इससे आँतों में गंभीर संक्रमण होता है। शिगेला संक्रमण को शिगेलोसिस (Shigellosis) भी कहते हैं।

इन रोगाणुओं से मुख्यतः दस्त एवं अतिसार (Diarrhea) की समस्या होती है। यह रोग विशेष रूप से अफ्रीकी और दक्षिण एशियाई क्षेत्रों में बच्चों को प्रभावित करता है।

यह रोगाणु बड़ी आँत (Colon) के उपकला अस्तर (Epithelial Lining) को प्रभावित करता है। इसके परिणामस्वरूप कोशिकाओं में सूजन व जलन प्रारंभ हो जाती है और गंभीर मामलों में कोशिकाएँ भी नष्ट हो जाती है।

सामान्य लक्षण

इस रोग का सामान्य लक्षण दस्त (अधिकतर खूनी एवं पीड़ायुक्त), पेट दर्द, बुखार, मतली (Nausea) और उल्टी हैं।

कुछ संक्रमितों में इसका कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है किंतु वे बीमारी का प्रसार कर सकते हैं। इससे किसी भी आयु के लोग संक्रमित हो सकते हैं लेकिन 10 वर्ष से कम आयु वालों को शिगेला के संक्रमण का सर्वाधिक खतरा रहता है।

यह भोजन और पानी से होने वाला संक्रमण है, जो बिना धुले फल, सब्जियों और दूषित भोजन का सेवन करने से होता है। यह दूषित पानी से स्नान करने से भी फ़ैल सकता है।

शिगेला बैक्टीरिया के प्रकार 

शिगेला सोनेई (Shigella sonnei)

शिगेला फ्लेक्सनेरी (Shigella flexneri)

शिगेला बॉयडी (Shigella boydii)

शिगेला डीसेनटेरिया (Shigella dysenteriae)

चौथा प्रकार सबसे गंभीर बीमारी का कारण बनता है क्योंकि यह विष पैदा करता है।