संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के 50 वर्ष

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संदर्भ:

‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ (United Nations Environment Programme – UNEP) द्वारा 2022 में अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।

‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ के बारे में:

‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ (UNEP) की स्थापना ‘मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र के ऐतिहासिक सम्मेलन’ के पश्चात् वर्ष 1972 में हुई थी।

UNEP की परिकल्पना, पर्यावरण की स्थिति की निगरानी, ‘वैज्ञानिक जानकारी के साथ नीति निर्माण’ और ‘विश्व की पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति प्रतिक्रिया का समन्वय’ करने के लिए की गई थी।

प्रमुख रिपोर्ट्स: ‘उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट’ (Emission Gap Report), ‘ग्लोबल एनवायरनमेंट आउटलुक’, फ्रंटियर्स, एवं ‘इन्वेस्ट इन हेल्दी प्लैनेट’।

प्रमुख मिशन: बीट पॉल्यूशन (Beat Pollution), UN75, विश्व पर्यावरण दिवस, वाइल्ड फॉर लाइफ।

भूमिका:

अपनी स्थापना के बाद से, ‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ (UNEP), विश्व के सभी देशों को उनके द्वारा की गयी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने हेतु प्रेरित करने तथा विश्व की अधिकांश सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने हेतु समन्वित कार्रवाई करने हेतु, अपने 193 सदस्य देशों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर निरंतर कार्य कर रहा है।

UNEP द्वारा 15 बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों के लिए ‘डॉकिंग स्टेशन’ (Docking Station) के रूप में भी अग्रणी भूमिका निभाई गयी है।

महत्वपूर्ण उपलब्धियां एवं समयरेखा:

1972: ‘मौरिस स्ट्रांग’ (Maurice Strong), ‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ (UNEP) के पहले प्रमुख के रूप में चुने गए।

1973: UNEP द्वारा 2 अक्टूबर को केन्याटा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पहला मुख्यालय स्थापित किया गया।

1973: वैश्विक नेताओं द्वारा ‘MARPOL’ के नाम से विख्यात, जहाजों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए अभिसमय पर हस्ताक्षर किए गए।

1973: राष्ट्रों द्वारा लुप्तप्राय वन्यजीव तथा वनस्पति प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora– CITES) को अपनाया गया। 1984 में CITES, ‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ द्वारा प्रशासित बहुपक्षीय पर्यावरण समझौता बन गया।

1974: ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) की शुरुआत हुई। समस्त विश्व में 5 जून को “केवल एक पृथ्वी” (Only One Earth) थीम के तहत UNEP द्वारा आयोजित पहला ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाया गया।

1974: ‘क्षेत्रीय समुद्र कार्यक्रम’ (Regional Seas Programme) की स्थापना की गयी।

1976: 16 फरवरी 1976 को बार्सिलोना में ‘प्रदूषण के खिलाफ भूमध्य सागर संरक्षण अभिसमय’ अर्थात ‘बार्सिलोना कन्वेंशन’ (Convention for the Protection of the Mediterranean Sea Against Pollution) अपनाया गया। यह अभिसमय वर्ष 1978 में लागू हुआ।

1979: राष्ट्रों द्वारा ‘प्रवासी प्रजाति अभिसमय’ (Convention on Migratory Species) अपनाया गया। इस अभिसमय को ‘बॉन कन्वेंशन’ (Bonn Convention) के रूप में भी जाना जाता है।

 ‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’, हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने हेतु विभिन्न राष्ट्रों और पर्यावरण समुदाय को एक साथ लाने के लिए कई महत्वपूर्ण बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों और अनुसंधान निकायों के सचिवालयों की मेजबानी करता है।

इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

जैविक विविधता पर अभिसमय

वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय

पारा पर मिनामाता अभिसमय

बेसल, रॉटरडैम और स्टॉकहोम कन्वेंशन

ओजोन परत के संरक्षण के लिए वियना अभिसमय और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल

प्रवासी प्रजातियों पर अभिसमय

कार्पेथियन कन्वेंशन

बमाको कन्वेंशन

तेहरान अभिसमय