सुपरसोनिक ब्रह्मोस के नए संस्करण का सफल परीक्षण

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भारत ने 20 जनवरी 2022 को सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया. इस मिसाइल को ओडिशा के बालासोर तट से दागा गया. डीआरडीओ के अनुसार इस ब्रह्मोस मिसाइल में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है.

डीआरडीओ के अनुसार, नियंत्रण प्रणाली सहित नई अतिरिक्त तकनीकों के साथ सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) लॉन्च पैड तृतीय से सुबह लगभग 10.45 बजे परीक्षण किया गया. परीक्षण के विस्तृत आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है.

ब्रह्मोस मिसाइल

ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भारत और रूस के बीच एक संयुक्त उद्यम के तहत किया जा रहा है. इस संयुक्त उद्यम में डीआरडीओ भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व करता है. मिसाइल का परीक्षण आईएनएस विशाखापत्तनम से किया गया था, यह हाल ही में शामिल भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत है.

ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की मुख्य हथियार प्रणाली है. इसे लगभग- लगभग सभी सतह प्लेटफार्मों पर तैनात किया गया है.

डीआरडीओ ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने नए वर्ज़न को विकसित किया है. हाल ही में इस क्रूज मिसाइल की रेंज 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी की गई थी.

इस मिसाइल की खास बात ये है कि इसे पनडुब्बी, पानी के जहाज, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है. ब्रह्मोस मिसाइल 2.8 मैक या ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना रफ्तार से प्रक्षेपित हो सकती हैं.

भारत ने रणनीतिक महत्व वाले अनेक स्थानों पर बहुत बड़ी संख्या में मूल ब्रह्मोस मिसाइलों आदि को तैनात कर रखा है. मिसाइल का परीक्षण आईएनएस विशाखापत्तनम से किया गया था, यह हाल ही में शामिल भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत है.