सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2022

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गुजरात आपदा प्रबंधन संस्थान (जीआईडीएम) और सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनोद शर्मा को आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए 2022 के सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए चुना गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि जहां जीआईडीएम को संस्थागत श्रेणी में चुना गया है, वहीं शर्मा को व्यक्तिगत श्रेणी में नामित किया गया है। केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा प्रदान किए गए अमूल्य योगदान और निस्वार्थ सेवा को पहचानने और सम्मानित करने के लिए वार्षिक पुरस्कार सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की स्थापना की है।

 पुरस्कार की राशि
इस पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर की जाती है। इसमें 51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और संस्था के मामले में एक प्रमाण पत्र और एक व्यक्ति के मामले में 5 लाख रुपये और एक प्रमाण पत्र दिया जाता है। बयान के अनुसार, इस वर्ष पुरस्कार के लिए 1 जुलाई, 2021 से नामांकन मांगा गया था और संस्थानों और व्यक्तियों से 243 वैध नामांकन प्राप्त हुए थे।

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में 2022 के पुरस्कार विजेताओं के उत्कृष्ट कार्य

गुजरात आपदा प्रबंधन संस्थान (जीआईडीएम) 2012 में स्थापित गुजरात आपदा प्रबंधन संस्थान, गुजरात के आपदा जोखिम को कम-से-कम करने संबंधी (डीआरआर) क्षमता को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है. रणनीतिक रूप से डिजाइन किए गए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के माध्यम से जीआईडीएम ने महामारी के दौरान 12,000 से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षित किया. अनुकूल गुजरात अग्नि सुरक्षा अनुपालन पोर्टल का विकास और एकीकृत रोग निगरानी परियोजना के पूरक के रूप में कोविड-19 निगरानी प्रयासों के तहत प्रौद्योगिकी आधारित उन्नत कोविड -19 सिंड्रोम निगरानी (एसीएसवाईएस) प्रणाली का विकास संस्थान की ओर से किया गया है.

प्रोफेसर विनोद शर्मा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसर और सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं. वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र के संस्थापक संयोजक हैं. जिसे अब राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के रूप में जाना जाता है. उन्होंने आपदा जोखिम को कम-से-कम करने (डीआरआर) से सम्बंधित विषय को राष्ट्रीय एजेंडा के प्रमुख कार्य के रूप में शामिल करने की दिशा में बेहतरीन कार्य किये हैं. भारत में डीआरआर में उनके बेहतर कार्य ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और वो लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) और अन्य सभी प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (एटीआई) में आपदा प्रबंधन विषय के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं. सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जलवायु परिवर्तन और डीआरआर को जोड़ने के लिए पंचायत स्तर की तैयारी योजनाओं की शुरुआत करते हुए सिक्किम को डीआरआर लागू करने में एक आदर्श राज्य बनाया है.