सेंट्रल एशियन फ्लाईवे (CAF)

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यह रूस (साइबेरिया) में सबसे उत्तरी प्रजनन मैदानों को पश्चिम और दक्षिण एशिया, मालदीव तथा ब्रिटिश हिंद महासागरीय क्षेत्र में सबसे उत्तरी गैर-प्रजनन (सर्दियों) के मैदानों से जोड़ने वाले विभिन्न जलपक्षियों के लिये 30 से अधिक देशों तक फैला एक प्रवास मार्ग है।
CAF दुनिया के नौ फ्लाईवे में से है और भारतीय उपमहाद्वीप से गुजरने वाले इन फ्लाईवे की संख्या तीन है। अन्य दो इस प्रकार हैं:
ईस्ट एशियन ऑस्ट्रेलियन फ्लाईवे (EAAF) और एशियन ईस्ट अफ्रीकन फ्लाईवे (AEAF)।
फ्लाईवे में भारत की रणनीतिक भूमिका है क्योंकि यह इस प्रवासी मार्ग का उपयोग करने वाली 90% से अधिक पक्षी प्रजातियों को महत्त्वपूर्ण पड़ाव स्थल की सुविधा उपलब्ध कराता है।

अपने वार्षिक चक्र के दौरान पक्षियों के एक समूह द्वारा उपयोग किया जाने वाला क्षेत्र फ्लाईवे कहलाता है जिसमें उनके प्रजनन क्षेत्र, सर्दी वाले क्षेत्रों में रुकना शामिल है।