सेमीकंडक्टर चिप्स की कमी

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संदर्भ:

2021-22 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, कि ‘सेमीकंडक्टर्स / अर्धचालकों की कमी’ (Shortage of Semiconductors) के कारण विविध उद्योगों की कई फर्मों द्वारा उत्पादन या तो बंद कर दिया गया है, या इसमें कमी आई है।

इस कमी को दूर करने हेतु सरकार द्वारा किए गए उपाय:

सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट के लिए 76,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।

सेमीकंडक्टर्स को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई (PLI schemes) और अन्य योजनाएं शुरू की गयी हैं जो न केवल घरेलू कंपनियों को कोविड -19 द्वारा उत्पन्न चुनौतियों से उबरने में मदद करेंगी, बल्कि उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने – खासकर चिप निर्माण- में भी मदद करेंगी ।

सरकार ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए एक विजन दस्तावेज जारी किया है, जिसमें 2026 तक घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन के लगभग 22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की परिकल्पना की गयी है।

‘सेमीकंडक्टर चिप्स’ के बारे में:

अर्धचालक अर्थात सेमीकंडक्टर्स (Semiconductors) – जिन्हें एकीकृत सर्किट (आईसी), या माइक्रोचिप्स के रूप में भी जाना जाता है – प्रायः सिलिकॉन या जर्मेनियम या गैलियम आर्सेनाइड जैसे यौगिक से निर्मित होते हैं।

सेमीकंडक्टर चिप्स का महत्व:

‘सेमीकंडक्टर चिप्स’, सभी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और ‘सूचना और संचार प्रौद्योगिकी’ उपकरणों के ‘दिल और दिमाग’ के रूप में कार्य करने वाले बुनियादी ‘बिल्डिंग ब्लॉक्स’ होते हैं।

ये चिप्स अब समकालीन ऑटोमोबाइल, घरेलू गैजेट्स और ईसीजी मशीनों जैसे आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का एक अभिन्न अंग बन चुके हैं।

इनकी मांग में हालिया वृद्धि:

कोविड -19 महामारी की वजह से, दिन-प्रतिदिन की आर्थिक और आवश्यक गतिविधियों के बड़े हिस्से को ऑनलाइन रूप से किए जाने या इन्हें डिजिटल रूप से सक्षम बनाए जाने के दबाव ने, लोगों के जीवन में चिप-संचालित कंप्यूटर और स्मार्टफोन की ‘केंद्रीयता’ को उजागर कर दिया है।

दुनिया भर में फ़ैली महामारी और उसके बाद लगाए गए लॉकडाउन की वजह से जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और अमेरिका सहित देशों में ‘महत्वपूर्ण चिप बनाने वाली सुविधाओं’ को भी बंद कर दिया गया।

‘सेमीकंडक्टर चिप्स’ की कमी का व्यापक अनुवर्ती असर पड़ता है। पहले ‘चिप्स’ का अधिक मात्रा में भंडारण किए जाने से इसकी मांग में वृद्धि होती है, जो बाद में आपूर्ति में कमी का कारण बन जाती है।