4 भारतीय पत्रकारों को पुलित्जर पुरस्कार 2022 से सम्मानित

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पत्रकारिता, किताब, ड्रामा और संगीत के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलित्जर पुरस्कार 2022 का ऐलान कर दिया गया है। दिवंगत फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी समेत चार भारतीयों को फीचर फोटोग्राफी श्रेणी में प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है। रायटर्स के दिवंगत दानिश सिद्दिकी को यह अवॉर्ड मरणोपरांत दिया गया है। इसके अलावा उनके सहयोगी अदनान अबिदी, सना इरशाद मट्टू, अमित दवे का नाम शामिल है।

दानिश सिद्दीकी और उनके सहयोगियों को ये पुरस्कार कोविड के दौरान उनके द्वारा खींची गई तस्वीरों के लिए दिया गया है।

38 वर्षीय दानिश सिद्दीकी पिछले साल जुलाई में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जे के दौरान हुए संघर्ष के कवरेज के दौरान गोली लगने से मारे गए थे। तब दानिश सिद्दीकी अफगानिस्तान में ड्यूटी पर थे। यह दूसरी बार है जब सिद्दीकी ने पुलित्जर पुरस्कार जीता है। रोहिंग्या संकट के कवरेज के लिए रॉयटर्स टीम के हिस्से के रूप में उन्हें 2018 में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अफगानिस्तान संघर्ष, हॉन्गकॉन्ग विरोध और एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप की अन्य प्रमुख घटनाओं को व्यापक रूप से कवर किया था।

बता दें कि पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता के क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है। इसकी शुरुआत 1917 से हुई थी।

रूस के हमले से तबाह यूक्रेन के पत्रकारों को साल 2022 के पुलित्जर पुरस्कार विशेष प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। पत्रकारिता के टॉप सम्मानित जूरी ने कैपिटल पर 6 जनवरी को हुए हमले, अफगानिस्तान से वापसी और फ्लोरिडा में सर्फसाइड कॉन्डोमिनियम के ढहने के दौरान कवरेज को भी मान्यता दी है। पुलित्जर पुरस्कार अमेरिका में समाचार पत्र, पत्रिका, ऑनलाइन पत्रकारिता, साहित्य और संगीत रचना में उपलब्धियों के लिए एक पुरस्कार है।