5 नए रामसर स्थल

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संदर्भ:
• रामसर कन्वेंशन के तहत 5 आर्द्रभूमि की पहचान की गई है जिसमें तीन तमिलनाडु में और एक-एक मिजोरम तथा मध्य प्रदेश में है।
• इस तरह भारत ने अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के पाँच नए रामसर आर्द्रभूमि स्थलों को जोड़ा है जिसके साथ भारत में रामसर साइटों की कुल संख्या 54 हो गई हैं।


रामसर कन्वेंशन के बारे में:
• यूनेस्को द्वारा दिनांक 2 फरवरी, 1971 को रामसर सम्मेलन की स्थापना की गई थी।
• इस सम्मेलन का नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है। यह एक अंतर सरकारी पर्यावरण संधि है।
• यह आर्द्रभूमि के संरक्षण और उनके संसाधनों का स्थायी उपयोग करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और राष्ट्रीय कार्रवाई को प्रोत्साहित करता है।
• इसके तहत दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों की पहचान की जाती है।


5 नई रामसर साइट:
• पल्लिकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट, तमिलनाडु: यह चेन्नई में स्थित मीठे पानी का दलदल है। यह चेन्नई में एकमात्र जीवित आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र है।
• करिकीली पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु: यह कांचीपुरम, तमिलनाडु में स्थित 61.21 हैक्टेयर संरक्षित क्षेत्र है। यह चेन्नई से 75 किमी. की दूरी पर है।
• पिचवरम मैंग्रोव, तमिलनाडु: यह तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में चिदंबरम के पास 1100 हैक्टेयर के क्षेत्र को कवर करता है और इस प्रकार यह देश के सबसे बड़े मैंग्रोव वनों में गिना जाता है।
• पाला आर्द्रभूमि, मिजोरम: यह मिजोरम की सबसे बड़ी प्राकृतिक आर्द्रभूमि है जो हरे भरे जंगलों से घिरी हुई है।
• साख्य सागर, मध्य प्रदेश: यह झील मध्य प्रदेश के शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है।