51वाँ महापौर परिषद सम्मलेन

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चर्चा में क्यों?

28 अगस्त, 2022 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अखिल भारतीय महापौर परिषद के 51वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन परिषद के अध्यक्ष और आगरा के महापौर नवीन जैन की अगुवाई में संपन्न हुआ।

प्रमुख बिंदु

  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 26 अगस्त को इस सम्मेलन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र का पूजन और दीप प्रज्वलन कर किया था। इस अवसर पर उन्होंने सभी महापौरों से नगर निगमों को आर्थिक स्वावलंबी बनाने का कार्य करने हेतु प्रण लेने का आह्वान किया।
  • मुख्यमंत्री ने सभी महापौरों को छत्तीसगढ़ की महत्त्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना’की आय के स्रोत के रूप में उपयोगिता बताते हुए कहा कि रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा के गोठान में गोबर से बिजली उत्पादन प्रारंभ किया गया है। प्रदेश में 79 लाख मीट्रिक टन गोबर प्राप्त हो रहा है, जिसमें 20 लाख मीट्रिक टन गोबर किसानों के खेतों में दिया जा रहा है, इससे भूमि की उर्वरक शक्ति बढ़ रही है।
  • तीनदिवसीय सम्मेलन में सूरत के महापौर ने अपने वाटर प्लस शहर के बारे में बताया, वहीं इंदौर की महापौर ने देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की स्वच्छता को लेकर जानकारी दी। मोहाली और चंडीगढ़ के महापौर ने ग्रीनरी, आगरा के महापौर ने कचरे से खाद बनाना और भोपाल के महापौर ने अपने शहर के वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में बताया।
  • महापौर परिषद के अध्यक्ष और आगरा के महापौर नवीन जैन ने बताया कि आगरा शहर से निकलने वाले 20 लाख टन कचरे से खाद बनाई, मिट्टी तैयार की गई और इसे कंस्ट्रक्शन के काम में उपयोग किया गया। अब आगरा में हर दिन निकलने वाले कचरे से बिजली बनाई जाएगी। जल्द ही इसके लिये आगरा में प्लांट लगेगा