चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह

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चंडीगढ़ के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के नाम पर रखे जाने पर पंजाब और हरियाणा सहमत हो गए हैं। गौरतलब है कि इस हवाई अड्डे के नाम को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ था, क्योंकि इसके निर्माण में केंद्र सरकार के अलावा पंजाब और हरियाणा की भी हिस्सेदारी है

 हवाई अड्डे का टर्मिनल पंजाब के मोहाली में पड़ता है। यह 485 करोड़ रुपए की भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, पंजाब और हरियाणा सरकार की संयुक्त परियोजना है। 

भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर ज़िले में हुआ था। जो वर्तमान में पाकिस्तान में है। वर्ष 1919 में 12 साल की उम्र में भगत सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के स्थल का दौरा किया था, जहाँ एक सार्वजनिक सभा के दौरान हज़ारों निहत्थे लोगों को मार दिया गया था। 

भगत सिंह अराजकतावाद (Anarchism) एवं साम्यवाद (Communism) के प्रति आकर्षित थे। वे ‘हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (Hindustan Republican Association) में भी शामिल हुए जिसके प्रमुख नेता चंद्रशेखर आज़ाद, राम प्रसाद बिस्मिल एवं शाहिद अशफाकल्लाह खान थे।

 ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का पहली बार नारे के रूप में प्रयोग भगत सिंह ने किया था साथ ही इस नारे को चर्चित बनाया था। भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 को फाँसी दे दी गई।