छत्तीसगढ़ में PESA कानून लागू

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चर्चा में क्यों?

9 अगस्त, 2022 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य में पेसा (Panchayat Extension of Schedule Area) अधिनियम को लेकर नियम बन चुका है, जिसे 8 अगस्त को राजपत्र में प्रकाशित भी किया जा चुका है।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि 7 जुलाई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पेसा कानून के प्रारूप को मंज़ूरी दी गई थी। 8 अगस्त, 2022 को राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रदेश में लागू हो गया है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा कानून पहले से था, लेकिन इसके नियम नहीं बनने के कारण इसका लाभ आदिवासियों को नहीं मिल पा रहा था, अब नियम बन जाने से प्रदेश के आदिवासी अपने जल-जंगल-ज़मीन के बारे में खुद फैसला ले सकेंगे।
  • पेसा कानून लागू होने से ग्रामसभा का अधिकार बढ़ेगा। पेसा कानून के तहत ग्रामसभा के 50 प्रतिशत सदस्य आदिवासी समुदाय से होंगे। इसमें से 25 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी। गाँवों के विकास में निर्णय लेने और आपसी विवादों के निपटारे का भी उन्हें अधिकार होगा।