दंतेश्वरी मंदिर : मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योति कलश भवन

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चर्चा में क्यों

25 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ जन संपर्क विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दंतेवाड़ा के ऐतिहासिक दंतेश्वरी मंदिर परिसर में मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योति कलश भवन का निर्माण किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व दिशा-निर्देशन में ज़िले में ज्योतिकलश भवन का निर्माण किया जाएगा। धार्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक आधुनिकीकरण की रूपरेखा के साथ तैयार भवन श्रद्धालुओं को प्राचीन के साथ नवीन दंतेवाड़ा का एहसास कराएगा।
  • चंदखुरी के तर्ज़ पर भवन का निर्माण कर दंतेश्वरी माता की भव्यता वृहद् स्तर पर साकार करने का प्रयास किया जाएगा। स्तंभ अलंकरण, गेट डिजाइन जैसे विभिन्न तत्त्व मुख्य रूप से माँ दंतेश्वरी मंदिर से प्रेरित हैं।
  • नवनिर्मित ज्योतिकलश भवन को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा जिससे दंतेश्वरी माँ का दर्शन करने वाले श्रद्धालु अब माता के दर्शन के साथ ही उनकी महिमा को भी जान सकेंगे। नव ज्योतिकलश भवन की दीवारें यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को माता की कहानी बताएंगी। पौराणिक कथाओं, जिया बाबा एवं सेवादारों द्वारा बताई गई जानकारियाँ दीवारों पर उकेरी जाएंगी।
  • माँ दंतेश्वरी मंदिर की वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने के लिये सामग्री के रूप में लाल बलुआ पत्थर का उपयोग भवन निर्माण के लिये किया जाएगा। तलघर में पूजा एवं हवन सामग्री को व्यवस्थित एवं सहेज कर रखने हेतु भंडार गृह का निर्माण किया जा रहा है।
  • भूतल में यज्ञशाला का निर्माण किया जा रहा है। इस यज्ञशाला में नौ ग्रह के स्थान को ध्यान में रखते हुए उस ग्रह के हवन कुंड का निर्माण पुराणों में उल्लेखित विवरण के आधार पर किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन का निर्माण भी भूतल में किया जा रहा है जिसमें ज्योति कलश स्थापना से संबंधित कार्यों का संचालन किया जाएगा।
  • उस भवन में पुजारी एवं कर्मचारी वर्ग के लिये प्रसाधन की सुविधा एवं प्रशासनिक भवन में सहायता कक्ष का भी निर्माण किया जा रहा है। भवन के चारों दिशाओं में भक्तों के विश्राम करने हेतु पगोडा-नुमा स्थान का निर्माण किया जा रहा है, जिसमे श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण का आनंद ले पाएंगे। भविष्य में यह स्थान वृहद् स्तर पर पर्यटन के रुप मे विकसित होगा जिससे अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा। 
  • उल्लेखनीय है कि मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा पूर्व में ज्योतिकलश भवन हेतु मांग की गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर मेढ़का डोबरा में ज्योतिकलश भवन के लिये आधारशिला रखी।
  • गौरतलब है कि दंतेश्वरी मंदिर अपनी पौराणिक कथाओं को लेकर प्रसिद्ध है। माँ दंतेश्वरी के दरबार में प्रति वर्ष शारदीय और चैत्र नवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करवाते हैं। परंतु भवन छोटा होने के कारण सीमित संख्या में ही ज्योति कलश की स्थापना हो पाती थी। नए भवन में 11100 ज्योति कलश की स्थापना की जा सकेगी।