फर्स्ट मूवर्स गठबंधन में भारत शामिल

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चर्चा में क्यों

हाल ही में, भारत फर्स्ट मूवर्स गठबंधन में शामिल हो गया है, जो भारी उद्योगों और लंबी दूरी के परिवहन क्षेत्रों को विकार्बनीकरण करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक वैश्विक पहल है।

प्रमुख बिंदु

इसे विश्व आर्थिक मंच और अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से ग्लासगो में आयोजित कॉप-26 में सबसे अधिक कार्बन-सघन क्षेत्रों को स्वच्छ करने के लिये एक प्रमुख सार्वजनिक-निजी भागीदारी पहल के रूप में शुरू किया गया है।
इस पहल में 8.5 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर के सामूहिक बाजार पूंजीकरण (collective market cap) के साथ 50 नए कॉर्पोरेट सदस्य भी शामिल हुए है।
यह गठबंधन एल्युमीनियम, विमानन, रसायन, कंक्रीट, शिपिंग, स्टील आदि क्षेत्रों को लक्षित करता है, जो वैश्विक उत्सर्जन के 30% के लिये जिम्मेदार है।
इस गठबंधन के संचालन बोर्ड में अमेरीका, भारत, जापान, स्वीडन, डेनमार्क, इटली, नॉर्वे, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम सरकारी भागीदार हैं।
ये सरकारी भागीदार अपने देशों की कंपनियों को गठबंधन में शामिल होने और सार्वजनिक नीतियों को आगे बढ़ाने के लिये आमंत्रित करेंगे ताकि हरित प्रौद्योगिकियों का व्यवसायीकरण किया जा सके जो कॉर्पोरेट सदस्य खरीदने हेतु प्रतिबद्ध हैं।