होक्स जीन

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न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कृत्रिम होक्स जीन का निर्माण किया है।

होक्स जीन के बारे में

मनुष्यों से लेकर मछलियों तक लगभग सभी जानवरों में एक पश्च अक्ष (anterior-posterior axis) होता है, यह एक रेखा है जो सिर से पूंछ तक होती है। गर्भावधि चरण में, होक्स जीन आर्किटेक्ट के रूप में कार्य करते हैं, और निर्देशित करते हैं कि कोशिकाएं शरीर के कौन से अंग बनाती हैं।

होक्स जीन यह सुनिश्चित करते हैं कि अंग और ऊतक सही शरीर के सही स्थान पर विकसित हों, जैसे कि स्तनधारियों में अंगों को सुनिश्चित करना या पक्षियों के पंख उनकी सही शारीरिक स्थिति पर उत्पन्न होना।

यदि हॉक्स जीन गलत नियमन या उत्परिवर्तन के माध्यम से विफल हो जाते हैं, तो कोशिकाएं नष्ट हो सकती हैं, परिणामस्वरुप जन्म दोष और गर्भपात आदि घटनाये हो सकती हैं।

शरीर में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते हुए भी होक्स जीन का अध्ययन सामान्य नहीं है क्योकि यह वे समूहों में व्यवस्थित होते हैं। जीनोम के कई हिस्सों में दोहराव जाने वाले तत्व होते हैं, होक्स क्लस्टर्स में ऐसा कोई दोहराव नहीं पाया जाता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि इन जीन-सघन समूहों में आवश्यक सभी जानकारी उपलब्ध होती है।

विकास में इनके महत्व के बावजूद, हॉक्स जीन का अध्ययन करना चुनौतीपूर्ण है क्यूँकि वे समूहों में व्यवस्थित होते हैं तथा जीनोम के कई हिस्सों में दोहराव वाले तत्व होते हैं जबकि हॉक्स क्लस्टर्स में ऐसा कोई दोहराव नहीं होता है।

ये कारक साथ वाले होक्स जीन को प्रभावित किए बिना पारंपरिक जीन संपादन तकनीकों के द्वारा इनका अध्ययन मुश्किल बनाते है।