मिशन वात्सल्य

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महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशो अनुसार, देश में बाल संरक्षण सेवाओं के लिए एक अम्ब्रेला योजना मिशन वात्सल्य के तहत केंद्रीय धन और लाभों का उपयोग करने के लिए, राज्यों को आधिकारिक नाम बनाए रखना होगा।

मंत्रालय ने कहा कि केवल “स्थानीय भाषा में सही अनुवाद की अनुमति है”।

मिशन वात्सल्य के बारे में

मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों को नीति निर्माताओं द्वारा सर्वोच्च राष्ट्रीय संपत्ति में से एक के रूप में मान्यता दी गई है। भारत में 18 वर्ष की आयु तक के 472 मिलियन बच्चे हैं और इसमें देश की 39 प्रतिशत आबादी शामिल है।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत बच्चों को हर क्षेत्र में विकास के लिए सहायता प्रदान किया जाता है।

केंद्र सरकार की परित्यक्त या लापता बच्चों जैसे कमजोर बच्चों की सुरक्षा के लिए निजी क्षेत्र और स्वयंसेवी समूहों के साथ भागीदारी करने की योजना है।

मिशन वात्सल्य के तहत घटकों में सांविधिक निकाय; सेवा वितरण ढांचा; संस्थागत देखभाल/सेवाएं; गैर-संस्थागत समुदाय आधारित देखभाल; आपातकालीन आउटरीच सेवाएं; प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण शामिल होंगे।

यह बाल संरक्षण कार्यक्रम बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों के लिए देखभाल कार्यक्रम और बच्चों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से आपातकालीन आउटरीच सेवा का भी समर्थन करता है।

मंत्रालय ने स्वयंसेवकों के पंजीकरण हेतु एक ‘वात्सल्य पोर्टल’ भी प्रस्तावित किया है ताकि राज्य और जिला प्राधिकरण उन्हें विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए शामिल कर सकें।