RBI द्वारा नई मौद्रिक दर जारी

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मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की 4 मई को हुई एक अनिर्धारित बैठक में, रिज़र्व बैंक ने accommodative stance’ यानी उदार रुख को छोड़ते हुए अब बेंचमार्क रेट को बढ़ाने का फैसला किया है. अगस्त 2018 के बाद आरबीआई के इस अचानक पहली बढ़ोतरी के फैसले से बैंकिंग प्रणाली में ब्याज दरों के बढ़ने की उम्मीद है. इससे घर, वाहन और अन्य व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट ऋणों पर समान मासिक इंस्टॉलेशन (ईएमआई) बढ़ने की संभावना है. जमा दरों, मुख्य रूप से निश्चित अवधि की दरों में भी वृद्धि होना तय है.

MPC के सभी छह सदस्यों ने स्थिर रुख बनाए रखने के अपने रुख को छोड़ते हुए दरों में वृद्धि के लिए वोट किया. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बढ़ती महंगाई, भूराजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक स्तर पर जिंसों की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है.

मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की 4 मई को हुई एक अनिर्धारित बैठक में, रिज़र्व बैंक ने accommodative stance’ यानी उदार रुख को छोड़ते हुए अब बेंचमार्क रेट को बढ़ाने का फैसला किया है. अगस्त 2018 के बाद आरबीआई के इस अचानक पहली बढ़ोतरी के फैसले से बैंकिंग प्रणाली में ब्याज दरों के बढ़ने की उम्मीद है. इससे घर, वाहन और अन्य व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट ऋणों पर समान मासिक इंस्टॉलेशन (ईएमआई) बढ़ने की संभावना है. जमा दरों, मुख्य रूप से निश्चित अवधि की दरों में भी वृद्धि होना तय है.

MPC के सभी छह सदस्यों ने स्थिर रुख बनाए रखने के अपने रुख को छोड़ते हुए दरों में वृद्धि के लिए वोट किया. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बढ़ती महंगाई, भूराजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक स्तर पर जिंसों की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है.