SAANS पहल

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कर्नाटक के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री के. सुधाकर ने 20 अप्रैल, 2022 को ‘निमोनिया को सफलतापूर्वक बेअसर करने के लिये सामाजिक जागरूकता और कार्रवाई’ (Social Awareness and Action to Neutralise Pneumonia Successfully- SAANS) की शुरुआत की।

SAANS एक अभियान है जिसे पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया की शीघ्र पहचान और अधिक जागरूकता सुनिश्चित करने के लिये शुरू किया गया है। 

निमोनिया (Pneumonia) फेफड़ों का संक्रमण है जो वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण होता है। भारत में निमोनिया उन बच्चों के स्वास्थ्य के लिये खतरा बना हुआ है, जो पाँच वर्ष से कम उम्र के हैं तथा देश में पाँच वर्ष से कम उम्र के 15 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु निमोनिया के कारण होती है। 

कर्नाटक राज्य व्यापक जनसंचार माध्यमों और डिजिटल अभियानों द्वारा निमोनिया के प्रति सामुदायिक जागरूकता पैदा कर रहा है। इस संबंध में आशा कार्यकर्त्ताओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।

राज्य भर में गंभीर निमोनिया के मामलों के लिये सुविधा-स्तरीय प्रबंधन को मज़बूत किया जा रहा है। इसके साथ ही स्किल स्टेशन स्थापित किये जा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा सक्रिय रूप से पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की जाँच की जा रही है ताकि निमोनिया की जल्द पहचान की जा सके।