उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली, ‘नाविक’

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संदर्भ:
सरकार का कहना है, भारत की उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली, NavIC, अपने सेवा क्षेत्र में ‘अवस्थिति सटीकता’ और ‘उपलब्धता’ के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका के जीपीएस के बराबर अच्छा है।
नाविक (NAVIC) क्या है?
• नाविक- नैविगेशन विद इंडियन कौन्स्टेलेशन (NAVigation with Indian Constellation- NavIC), एक स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली है, जिसे भारतीय क्षेत्र तथा भारतीय मुख्य भूमि के आसपास 1500 किमी की दूरी में अवस्थिति-जानकारी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

• नाविक (NAVIC) प्रणाली में कितने उपग्रह शामिल हैं?
• यह प्रणाली IRNSS के आठ उपग्रहों से संचालित होती है, इनमे से एक उपग्रह संदेश सेवायें प्रदान करता है।
• इनमें से तीन उपग्रह हिंद महासागर के ऊपर भू-स्थिर(Geostationary) कक्षा में स्थित होंगे, अर्थात, ये उपग्रह इस क्षेत्र के ऊपर आसमान में स्थिर दिखाई देंगे, और चार उपग्रह भू-तुल्यकालिक (geosynchronous) कक्षा में स्थित होंगे तथा प्रतिदिन आकाश में एक ही समय पर एक ही बिंदु पर दिखाई देंगे।
• उपग्रहों का यह विन्यास, यह सुनिश्चित करता है, कि प्रत्येक उपग्रह, पृथ्वी पर स्थापित चौदह स्टेशनों में से कम से कम किसी एक स्टेशन के द्वारा ट्रैक होता रहे तथा भारत में किसी भी बिंदु से अधिकांश उपग्रहों को देखे जाने की उच्च संभावना बनी रहे।
इसके निम्नलिखित अनुप्रयोग हैं:
• स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन।
• आपदा प्रबंधन।
• वाहन ट्रैकिंग और बेड़ों का प्रबंधन (fleet management)
• मोबाइल फोनों के साथ समेकन।
• सटीक समय-मापन।
• मानचित्रण एवं भूगणितीय आंकड़े हासिल करने हेतु।
• पैदल यात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए स्थलीय नेविगेशन सहायता।
• ड्राइवरों के लिए दृश्यिक और आवाज द्वारा नेविगेशन।