हिम ड्रोन-ए-थॉन कार्यक्रम

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भारतीय सेना ने 8 अगस्त, 2022 को ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से हिम ड्रोन-ए-थॉन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल रक्षा निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के अनुरूप है तथा इसका 

उद्देश्य सीमा पर सैनिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए पथ-प्रदर्शक ड्रोन क्षमता विकसित करने के लिये भारतीय ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करना है। 

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह कार्यक्रम उद्योग, शिक्षा, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और ड्रोन उत्पाद निर्माताओं सहित सभी हितधारकों के बीच पारस्परिक सहयोग से संचालित किया जाएगा। 

ड्रोन मानव रहित विमान (Unmanned Aircraft) के लिये प्रयुक्त एक आम शब्द है। मानव रहित विमान के तीन उप-सेट हैं- रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (Remotely Piloted Aircraft), ऑटोनॉमस एयरक्राफ्ट (Autonomous Aircraft) और मॉडल एयरक्राफ्ट (Model Aircraft)।

रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट में रिमोट पायलट स्टेशन, आवश्यक कमांड और कंट्रोल लिंक तथा अन्य घटक होते हैं। रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट में रिमोट पायलट स्टेशन, आवश्यक कमांड एवं कंट्रोल लिंक तथा अन्य घटक होते हैं।

ड्रोन को उनके वज़न के आधार पर पाँच श्रेणियों में बाँटा गया है-: नैनो- 250 ग्राम से कम, माइक्रो- 250 ग्राम से 2 किग्रा. तक,  स्माल- 2 किग्रा. से 25 किग्रा. तक, मीडियम- 25 किग्रा. से 150 किग्रा. तक, लार्ज- 150 किग्रा. से अधिक।