सुचेता कृपलानी

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उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने विख्‍यात स्‍वतंत्रता सेनानी और भारत की पहली महिला मुख्‍यमंत्री सुचेता कृपलानी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सुचेता कृपलानी का जन्म 25 जून, 1908 को हरियाणा के अंबाला में एक बंगाली परिवार में हुआ था।

इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् सुचेता कृपलानी ने ‘बनारस हिंदू विश्वविद्यालय’ में व्याख्याता के रूप में काम करना शुरू किया। अरुणा आसफ अली और उषा मेहता जैसी समकालीन महिलाओं की तरह सुचेता कृपलानी भी भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुईं।

सुचेता कृपलानी ने भारत के विभाजन के दौरान हुए दंगों में महात्मा गांधी के साथ मिलकर काम किया। सुचेता कृपलानी उन महिलाओं में से एक थीं, जिन्हें भारतीय संविधान समिति में शामिल किया गया था।

भारत की स्वतंत्रता के बाद सुचेता कृपलानी उत्तर भारत की राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल हो गईं। वर्ष 1952 में उन्हें लोकसभा के सदस्य के रूप में चुना गया और वर्ष 1962 में वह कानपुर से उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य के रूप में चुनी गईं।

1963 में वह उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं और इसी के साथ उन्होंने देश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया। वर्ष 1971 में वह सेवानिवृत्त हुईं और वर्ष 1974 में उनकी मृत्यु हो गई।