तीन उत्कृष्ट स्वावलंबी गौठानों को सम्मानित

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के राज्यस्तरीय समारोह में आर्थिक गतिविधियों के कुशल संचालन एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदेश के तीन स्वावलंबी गौठानों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इन तीनों गौठानों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के केसरा गौठान, रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के चटौद गौठान और कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा के डोन्डे, हरनगढ़ गौठान को सम्मानित किया गया। इन तीनों गौठानों के गौठान समिति के अध्यक्ष क्रमशः कनक सोनी, तिलक वर्मा और विष्णु साहू ने अपने-अपने गौठान की तरफ से यह सम्मान ग्रहण किया।

क्रमशः कनक सोनी, तिलक वर्मा और विष्णु साहू ने अपने-अपने गौठान की तरफ से यह सम्मान ग्रहण किया।सुराजी गांव के अंतर्गत राज्य स्तरीय गोधन न्याय सेल में योजना के संचालन, क्रियान्वयन और समन्वय में उत्कृष्ट कार्य के लिए चार अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कृषि विभाग के संयुक्त संचालक रामलखन खरे, ओएसडी डॉ. मौसम मेहरा, सहायक संचालक चंदन राय और चिप्स (CHIPS) के वरिष्ठ सलाहकार नीलेश सोनी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

चार अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कृषि विभाग के संयुक्त संचालक रामलखन खरे, ओएसडी डॉ. मौसमकेसरा गौठान में स्वसहायता समूह के जरिए पशुपालकों से 4900 क्विंटल गोबर खरीदकर उससे 1700 क्विंटल कम्पोस्ट तैयार कर विक्रय किया गया है। केसरा गौठान में आर्थिक गतिविधियों के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा मुर्गीपालन, बकरीपालन, मछलीपालन, बाड़ी विकास एवं तेल पेराई मशीन जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनसे अब तक 12 लाख रुपये से भी अधिक की आय हुई है। केसरा गौठान समिति ने एक वर्ष में 100 से भी अधिक लावारिस पशुओं को आश्रय दिया है। वहां इनकी देखरेख भी की जा रही है।