Tu-160 स्ट्रैटजिक बॉम्बर

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बॉम्बर क्या होते हैं?
बॉम्बर या बमवर्षक ऐसे फाइटर प्लेन होते हैं, जिनका इस्तेमाल जमीन और नौसेना के लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए हवा से जमीन पर बम गिराने, या हवा से क्रूज मिसाइलों को लॉन्च करने में होता है।


यह दो तरह के होते हैं –
स्ट्रैटजिक और टैक्टिकल बॉम्बर।
टैक्टिकल बॉम्बर का इस्तेमाल आमतौर पर युद्ध के दौरान अपनी जमीन पर दुश्मन सेना के ठिकानों या मिलिट्री हथियारों को निशाना बनाने में होता है।
इसका मूल काम युद्ध के दौरान अपनी ग्राउंड फोर्स की मदद के लिए उसके आसपास मौजूद करीबी ठिकानों को निशाना बनाने में होता है।
जबकि स्ट्रैटजिक बॉम्बर ऐसे मीडियम या लॉन्ग रेंज लड़ाकू विमान होते हैं, जिनका इस्तेमाल रणनीति के तहत दुश्मन देश के शहरों, फैक्ट्रियों, सैन्य ठिकानों, मिलिट्री कारखानों को निशाना बनाने में किया जाता है।
यह हजारों किलोमीटर की यात्रा करके दुश्मन के घर में हमला करके वापस लौट आने में सक्षम होता है।
इन बॉम्बर के जरिए दुश्मन के ठिकानों पर क्रूज मिसाइलों के साथ ही परमाणु हथियारों तक से हमला किया जा सकता हैं।
हाल ही में अपने यूक्रेन के शहरों पर हवा से बम गिराते रूसी विमानों को देखा होगा, वे स्ट्रैटजिक बॉम्बर ही हैं।
नागासाकी और हिरोशिमा पर बम गिराने में अमेरिका ने स्ट्रैटजिक बॉम्बर का ही इस्तेमाल किया था।
टैक्टिकल बॉम्बर के मुकाबले स्ट्रैटजिक बॉम्बर की रेंज और क्षमता दोनों ही ज्यादा होती है।


Tu-160 स्ट्रैटजिक बॉम्बर
ये ध्वनि की गति से भी दोगुनी रफ्तार यानी मैक-2+ स्पीड से चलने वाला दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा और भारी लड़ाकू विमान है।
मौजूदा वक्त में इसके मुकाबले कुछ हद तक अमेरिका का B-1 स्ट्रैटजिक बॉम्बर ही है।
Tu-160 करीब 52 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और इस कारण इसे रडार पर ट्रैक कर पाना मुश्किल होता इसे व्हाइट स्वान यानी सफेद हंस भी कहते हैं। NATO इसे ब्लैक जैक कहता है।
इसका डिजाइन 1970 के दशक में टुपोलेव डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया था।