विश्व शरणार्थी दिवस

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दुनिया भर में शरणार्थियों को सम्मानित करने के लिये 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जाता है।

पहली बार विश्व शरणार्थी दिवस 20 जून, 2001 को मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, आतंक, युद्ध और संघर्ष से बचने के लिये हर 1 मिनट में 20 लोग अपने घर से भागने को मज़बूर हैं।

साल 2021 के अंत तक कुल9 करोड़ लोग अपने गृह देश के भीतर या बाहर बलपूर्वक निर्वासन झेलना पड़ा है। इनमें से 5.3 करोड़ आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं और वहीं 2.7 करोड़ लोग घोषित रुप से शरणार्थी (Refugee) का दर्जा पा चुके हैं।
इसके अलावा करीब 46 लाख लोग (Asylum Seeker) शरण चाहते हैं। आज दुनिया में कई शरणार्थी ऐसे भी हैं जिन्हें प्राकृतिक आपदाओं जैसे सुनामी, भूकंप, बाढ़ आदि के कारण अपना घर छोड़ने के लिये मज़बूर होना पड़ा।
संयुक्त राष्ट्र ने शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित वर्ष 1951 के अभिसमय के अनुच्छेद 1 में इस शब्द को परिभाषित किया है।
एक शरणार्थी वह है जो नस्ल, धर्म, राष्ट्रीयता, किसी विशेष सामाजिक समूह की सदस्यता, या राजनीतिक राय के कारण उसे प्रताड़ित किये जाने के डर के कारण अपने मूल देश में लौटने में असमर्थ या अनिच्छुक हो।